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हेमू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता : अशोक गुप्ता
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रौनियार वैश्य समाज सोनभद्र की ओर से देश के अंतिम हिंदू शासक महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) का विजय उत्सव बुधवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता रहे। विशिष्ट अतिथि झारखंड प्रदेश के महामंत्री मनोहर गुप्ता और बैजनाथ गुप्ता रहे।
मुख्य अतिथि अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) का भारतीय इतिहास में गौरवशाली और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे 16वीं शताब्दी में दिल्ली के सिंहासन पर बैठने वाले अंतिम हिंदू सम्राट थे। उनके योगदान और उपलब्धियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
विशिष्ट अतिथि मनोहर गुप्ता ने कहा कि हेमू असाधारण सैन्य कमांडर और कुशल रणनीतिकार थे। उन्होंने अपने सैन्य जीवन में पंजाब से बंगाल तक अफगान विद्रोहियों और मुगलों के खिलाफ लगातार 22 युद्ध लड़े और सभी में विजय हासिल की।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रौनियार समाज के जिलाध्यक्ष रामसहाई रौनियार ने कहा कि हुमायूं की मृत्यु के बाद पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता का लाभ उठाकर हेमू ने मुगलों को पीछे धकेलना शुरू किया। उन्होंने अकबर की सेना के गवर्नर तरदी बेग खान को पराजित कर दिल्ली पर विजय प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के पुराने किले में अपना राज्याभिषेक कराया और विक्रमादित्य की उपाधि धारण की।
इस अवसर पर संरक्षक शिवशंकर गुप्ता, डॉ. लखनलाल जंगली, प्रेमचंद गुप्ता, संगम लाल गुप्ता, राजेश कुमार गुप्ता, कृष्ण मुरारी गुप्ता, हनुमान प्रसाद गुप्ता, अजय कुमार, सचिन गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आनंद गुप्ता, राजू गुप्ता, सुरेश कुमार, नेपाल गुप्ता, जयप्रकाश आदि मौजूद रहे। संचालन संजीव कुमार गुप्ता ने किया।
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मुख्य अतिथि अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) का भारतीय इतिहास में गौरवशाली और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे 16वीं शताब्दी में दिल्ली के सिंहासन पर बैठने वाले अंतिम हिंदू सम्राट थे। उनके योगदान और उपलब्धियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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विशिष्ट अतिथि मनोहर गुप्ता ने कहा कि हेमू असाधारण सैन्य कमांडर और कुशल रणनीतिकार थे। उन्होंने अपने सैन्य जीवन में पंजाब से बंगाल तक अफगान विद्रोहियों और मुगलों के खिलाफ लगातार 22 युद्ध लड़े और सभी में विजय हासिल की।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रौनियार समाज के जिलाध्यक्ष रामसहाई रौनियार ने कहा कि हुमायूं की मृत्यु के बाद पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता का लाभ उठाकर हेमू ने मुगलों को पीछे धकेलना शुरू किया। उन्होंने अकबर की सेना के गवर्नर तरदी बेग खान को पराजित कर दिल्ली पर विजय प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के पुराने किले में अपना राज्याभिषेक कराया और विक्रमादित्य की उपाधि धारण की।
इस अवसर पर संरक्षक शिवशंकर गुप्ता, डॉ. लखनलाल जंगली, प्रेमचंद गुप्ता, संगम लाल गुप्ता, राजेश कुमार गुप्ता, कृष्ण मुरारी गुप्ता, हनुमान प्रसाद गुप्ता, अजय कुमार, सचिन गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आनंद गुप्ता, राजू गुप्ता, सुरेश कुमार, नेपाल गुप्ता, जयप्रकाश आदि मौजूद रहे। संचालन संजीव कुमार गुप्ता ने किया।