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हर माह अनाज की हो रही हेराफेरी
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:52 PM IST
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म्योरपुर ब्लाक के जमशीला में हर माह सवा सौ कुंतल से अधिक अनाज की हेराफेरी हो रही है। इस बात का खुलासा खुद प्रधान शांती देवी करते हुए अधिकारियों से शिकायत कर चुकी है। ग्रामीण भी अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवाज उठा चुके हैं। दुकान निलंबित कर चंदुआर अटैच की जा चुकी है लेकिन इसको लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई।
जमशीला में इस समय पात्र गृहस्थी के लिए 273 और अंत्योदय के लिए 8.4 कुंतल अनाज आ रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि जमशीला में अभी भी राशन कार्ड की जगह, पूर्ति विभाग से मिली पर्ची के जरिए अनाज वितरित किया जा रहा है। यह पर्ची लगभग पांच सौ लोगों को ही मिली है। इसी के आधार पर अनाज वितरित हो रहा है। इसमें अनियमितता की शिकायत पर गत दिसंबर में जमशीला की दुकान निलंबित कर चंदुआर से संबद्ध कर दी गई। प्रधान ने हस्तक्षेप कर चंदुआर के कोटेदार के जरिए जमशीला में ही सीएचपी के पास वितरण व्यवस्था करवाई। ग्रामीणों का कहना है कि यहां एक माह में तीन दिन ही अनाज दिया जाता है। यहां अनाज कुल एक हजार राशनकार्ड के हिसाब से आ रहा है। जबकि वितरण पांच सौ कार्ड पर्ची के ही लोगों को किया जा रहा है। ऐसे में पांच सौ अतिरिक्त कार्डधारकों के लिए आया अनाज कहां जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। उधर, कोटेदार कृष्ण कुमार दुबे का दावा है कि वह हर माह जमशीला में एक हजार परिवार को अनाज वितरित कर रहे हैं। प्रधान शांती देवी का कहना था कि दुकान निलंबित होने के समय ही पांच सौ अतिरिक्त कार्डधारकों के अनाज के हेराफेरी का खुलासा हो गया था। उन्होंने उस दौरान अधिकारियों को जानकारी तो दी ही थी, फरवरी में लिखित रूप से अवगत कराया है और गांव में जो गरीब छूट गए हैं, उनकी सूची बनाकर इस अनाज को उनमें वितरित कराने की मांग की है।
जमशीला में इस समय पात्र गृहस्थी के लिए 273 और अंत्योदय के लिए 8.4 कुंतल अनाज आ रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि जमशीला में अभी भी राशन कार्ड की जगह, पूर्ति विभाग से मिली पर्ची के जरिए अनाज वितरित किया जा रहा है। यह पर्ची लगभग पांच सौ लोगों को ही मिली है। इसी के आधार पर अनाज वितरित हो रहा है। इसमें अनियमितता की शिकायत पर गत दिसंबर में जमशीला की दुकान निलंबित कर चंदुआर से संबद्ध कर दी गई। प्रधान ने हस्तक्षेप कर चंदुआर के कोटेदार के जरिए जमशीला में ही सीएचपी के पास वितरण व्यवस्था करवाई। ग्रामीणों का कहना है कि यहां एक माह में तीन दिन ही अनाज दिया जाता है। यहां अनाज कुल एक हजार राशनकार्ड के हिसाब से आ रहा है। जबकि वितरण पांच सौ कार्ड पर्ची के ही लोगों को किया जा रहा है। ऐसे में पांच सौ अतिरिक्त कार्डधारकों के लिए आया अनाज कहां जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। उधर, कोटेदार कृष्ण कुमार दुबे का दावा है कि वह हर माह जमशीला में एक हजार परिवार को अनाज वितरित कर रहे हैं। प्रधान शांती देवी का कहना था कि दुकान निलंबित होने के समय ही पांच सौ अतिरिक्त कार्डधारकों के अनाज के हेराफेरी का खुलासा हो गया था। उन्होंने उस दौरान अधिकारियों को जानकारी तो दी ही थी, फरवरी में लिखित रूप से अवगत कराया है और गांव में जो गरीब छूट गए हैं, उनकी सूची बनाकर इस अनाज को उनमें वितरित कराने की मांग की है।
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