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कैंप लगाकर पंजीकृत श्रमिकों का बनेगा गोल्डन कार्ड
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जिले के पंजीकृत श्रमिकों का गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कैंप लगाया जाएगा। छह से 12 सितंबर तक लगने वाले कैंप में श्रमिक गोल्डेन कार्ड बनवा सकेंगे। इससे उनके व परिवार के सदस्यों का उपचार कराने में सहूलियत होगी।
सीएमओ डॉ. नेम सिंह ने बताया कि अगर लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ती है तो कार्ड उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थी शीघ्र ही अपना कार्ड बनवा लें। उन्होंने बताया कि जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू है। आयुष्मान भारत योजना के डिस्ट्रिक्ट इनफॉरमेशन सिस्टम मैनेजर जितेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय स्थित कोविड एकीकृत कंट्रोल कक्ष में छह से 12 सितंबर तक विशेष शिविर लगाकर आरोग्य मित्र के माध्यम से पंजीकृत 5149 श्रमिकों व उनके परिवार का गोल्डेन कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने लाभार्थियों से अपील किया है कि वह जिलाधिकारी कार्यालय स्थित कोविड एकीकृत कंट्रोल रूम पहुंचकर अपना गोल्डेन कार्ड बनवा सकते हैं। लाभार्थी को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आयुष्मान पत्र और राशन कार्ड, आधार कार्ड लाना अनिवार्य है।
1.94 लाख से अधिक लोगों का बना गोल्डेन कार्ड
जितेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जिले में 9,09,175 लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 194025 लोगों का गोल्डेन कार्ड बनाया जा चुका है। इस योजना से 9972 लोगों का उपचार भी किया गया है।
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सीएमओ डॉ. नेम सिंह ने बताया कि अगर लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ती है तो कार्ड उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थी शीघ्र ही अपना कार्ड बनवा लें। उन्होंने बताया कि जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू है। आयुष्मान भारत योजना के डिस्ट्रिक्ट इनफॉरमेशन सिस्टम मैनेजर जितेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय स्थित कोविड एकीकृत कंट्रोल कक्ष में छह से 12 सितंबर तक विशेष शिविर लगाकर आरोग्य मित्र के माध्यम से पंजीकृत 5149 श्रमिकों व उनके परिवार का गोल्डेन कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने लाभार्थियों से अपील किया है कि वह जिलाधिकारी कार्यालय स्थित कोविड एकीकृत कंट्रोल रूम पहुंचकर अपना गोल्डेन कार्ड बनवा सकते हैं। लाभार्थी को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आयुष्मान पत्र और राशन कार्ड, आधार कार्ड लाना अनिवार्य है।
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1.94 लाख से अधिक लोगों का बना गोल्डेन कार्ड
जितेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जिले में 9,09,175 लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 194025 लोगों का गोल्डेन कार्ड बनाया जा चुका है। इस योजना से 9972 लोगों का उपचार भी किया गया है।
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