{"_id":"5f10987b8ebc3e635627fd76","slug":"five-including-congress-district-president-going-to-celebrate-anniversary-sonbhadra-news-vns536232230","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटनास्थल पर बरसी मनाने जा रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत पांच गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटनास्थल पर बरसी मनाने जा रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत पांच गिरफ्तार
विज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष के गिरफ्तारी के विरोध में राबर्ट्सगंज स्थित जिला कार्यालय के सामने धरने पर बैठे ?
- फोटो : SONBHADRA
घोरावल। जमीन संबंधी विवाद में उभ्भा गांव में 17 जुलाई 2019 को हुई गोलीबारी की घटना में मृत 11 लोगों की बरसी वृहस्पतिवार को ही सामूहिक रूप से मनाए जाने की सूचना पर प्रशासन व पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। समझाए जाने के बावजूद घटनास्थल पर पहुंचकर बरसी मनाने के लिए समर्थकों के साथ दोपहर करीब साढ़े बारह बजे निकले कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और कई अन्य को खदेड़ दिया।
गांव के लोगों की तरफ से 17 जुलाई को बरसी मनाए जाने की भनक मिलने पर गांव में तीन दिन पहले से पुलिस फोर्स की तैनाती कर सतर्कता बढ़ा दी गई। इस बीच वृहस्पतिवार को प्रशासन को सूचना मिली कि उभ्भा गांव निवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के आवास पर दोपहर 12 बजे ग्रामीण एकत्र होने वाले हैं। करीब साढ़े बारह बजे तक 15-20 लोग कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास पर पहुंचे गए थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास पर सामूहिक बरसी मनाए जाने की रणनीति तय की जा रही थी कि इसी बीच घोरावल एसडीएम जैनेन्द्र सिंह, सीओ रामआशीष यादव, कोतवाल बृजेश सिंह व उभ्भा चौकी इंचार्ज राजेश सिंह काफी संख्या में फोर्स के रामराज के घर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को घटनास्थल पर पहुंच कर सामूहिक रूप से बरसी न मनाने के लिए समझाने की काफी देर तक कोशिश की।
इस दौरान नोकझोंक भी हुई, लेकिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत अन्य लोग घटना स्थल पर आज ही सामूहिक रूप से बरसी मनाने पर अड़े रहे। इसी बीच रामराज व चार अन्य लोग गोलीबारी की घटना में मृत लोगों की तस्वीर हाथ में लेकर पुलिस की घेराबंदी तोड़ जबरिया घटनास्थल की तरह जाने लगे। ये लोग करीब पचास मीटर तक भागकर पहुंचे होंगे, तभी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अन्य लोगों को पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए खदेड़ दिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज के अलावा बसंत लाल, लल्लू सिंह, बरामनाथ, कुंवर शाह शामिल हैं।
विज्ञापन
उभ्भाकांड के पीड़ितों के साथ प्रशासन खड़ा है। आवास, शौचालय, पेंशन समेत अन्य सरकारी योजनाओं से पीड़ितों के अलावा अन्य पात्रों को भी लाभान्वित किया गया है। कोविड-19 के चलते पीड़ितों को घर में ही बरसी मनाने की अपील की गई है।
- एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी।
पुलिस महकमा उभ्भा कांड में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ है। पीड़ितों की समस्याओं को पुलिस अपना समझ कर दूर करने का प्रयास कर रही है। अगर कोई व्यक्ति पीड़ितों या उनके रिश्तेदारों को घटनास्थल पर बरसी मनाने के लिए उत्प्रेरित करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिसकर्मियों को निर्देशित कर दिया गया है।
-आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक।
इनसेट
गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस के जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने की बैठक
फोर्स के साथ सीओ राजकुमार त्रिपाठी और कोतवाल अंजनी राय दफ्तर पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व जिलाध्यक्ष रामराज गोंड की गिरफ्तारी से नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने राबर्ट्सगंज स्थित जिला कार्यालय पर बैठक की। इसमें एक स्वर से सभी ने प्रदेश सरकार व प्रशासन पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उधर, सीओ राजकुमार त्रिपाठी और कोतवाल अंजनी कुमार राय ने कार्यालय पहुंच कर कार्यकर्ताओं से वार्तालाप कर उन्हें शांत कराया।
पिछले वर्ष 17 जुलाई को उम्भा में जमीन संबंधी विवाद में 11 आदिवासियों की हुई हत्या के मामले में पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने व श्रद्धांजलि देने जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को रास्ते में और जिलाध्यक्ष को उभ्भा गांव सेगिरफ्तार कर लिए जाने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर इकट्ठा होना शुरू कर दिया। उधर, इसकी भनक लगते ही जिला प्रसासन ने कांग्रेस कार्यालय को छावनी में तब्दील कर भारी पुलिस फोर्स लगा दिया। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर निकल कर प्रदेश सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल प्रदेश अध्यक्ष,जिलाध्यक्ष समेत अन्य नेताओं के रिहाई की मांग करते हुए वहीं धरना पर बैठ गए। धरना शुरू होते ही प्रशासन के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आननफानन में अधिकारियों ने बढ़ौली चौराहा स्थित जिला कार्यालय में धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को कार्यालय में ही नजरबंद कर दिया।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव ज्ञानेंद्र तिवारी व पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष नामवर कुशवाहा ने प्रशासन पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेताओं की रिहाई तक विरोध जारी रखेंगे। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव धीरज पांडेय ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल भाजपा के इशारे पर पुलिस प्रसासन सोशल डिस्टेंस का पालन कर श्रद्धांजलि देने जा रहे कांग्रेस नेताओं का गिरफ्तार किए जाने की घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। बाद में पुलिस के अधिकारियों ने विरोध जता रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बातचीत कर शांत करा दिया।
विज्ञापन
गांव के लोगों की तरफ से 17 जुलाई को बरसी मनाए जाने की भनक मिलने पर गांव में तीन दिन पहले से पुलिस फोर्स की तैनाती कर सतर्कता बढ़ा दी गई। इस बीच वृहस्पतिवार को प्रशासन को सूचना मिली कि उभ्भा गांव निवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के आवास पर दोपहर 12 बजे ग्रामीण एकत्र होने वाले हैं। करीब साढ़े बारह बजे तक 15-20 लोग कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास पर पहुंचे गए थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास पर सामूहिक बरसी मनाए जाने की रणनीति तय की जा रही थी कि इसी बीच घोरावल एसडीएम जैनेन्द्र सिंह, सीओ रामआशीष यादव, कोतवाल बृजेश सिंह व उभ्भा चौकी इंचार्ज राजेश सिंह काफी संख्या में फोर्स के रामराज के घर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को घटनास्थल पर पहुंच कर सामूहिक रूप से बरसी न मनाने के लिए समझाने की काफी देर तक कोशिश की।
विज्ञापन
इस दौरान नोकझोंक भी हुई, लेकिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत अन्य लोग घटना स्थल पर आज ही सामूहिक रूप से बरसी मनाने पर अड़े रहे। इसी बीच रामराज व चार अन्य लोग गोलीबारी की घटना में मृत लोगों की तस्वीर हाथ में लेकर पुलिस की घेराबंदी तोड़ जबरिया घटनास्थल की तरह जाने लगे। ये लोग करीब पचास मीटर तक भागकर पहुंचे होंगे, तभी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अन्य लोगों को पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए खदेड़ दिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज के अलावा बसंत लाल, लल्लू सिंह, बरामनाथ, कुंवर शाह शामिल हैं।
विज्ञापन
उभ्भाकांड के पीड़ितों के साथ प्रशासन खड़ा है। आवास, शौचालय, पेंशन समेत अन्य सरकारी योजनाओं से पीड़ितों के अलावा अन्य पात्रों को भी लाभान्वित किया गया है। कोविड-19 के चलते पीड़ितों को घर में ही बरसी मनाने की अपील की गई है।
- एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी।
पुलिस महकमा उभ्भा कांड में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ है। पीड़ितों की समस्याओं को पुलिस अपना समझ कर दूर करने का प्रयास कर रही है। अगर कोई व्यक्ति पीड़ितों या उनके रिश्तेदारों को घटनास्थल पर बरसी मनाने के लिए उत्प्रेरित करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिसकर्मियों को निर्देशित कर दिया गया है।
-आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक।
इनसेट
गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस के जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने की बैठक
फोर्स के साथ सीओ राजकुमार त्रिपाठी और कोतवाल अंजनी राय दफ्तर पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व जिलाध्यक्ष रामराज गोंड की गिरफ्तारी से नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने राबर्ट्सगंज स्थित जिला कार्यालय पर बैठक की। इसमें एक स्वर से सभी ने प्रदेश सरकार व प्रशासन पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उधर, सीओ राजकुमार त्रिपाठी और कोतवाल अंजनी कुमार राय ने कार्यालय पहुंच कर कार्यकर्ताओं से वार्तालाप कर उन्हें शांत कराया।
पिछले वर्ष 17 जुलाई को उम्भा में जमीन संबंधी विवाद में 11 आदिवासियों की हुई हत्या के मामले में पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने व श्रद्धांजलि देने जा रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को रास्ते में और जिलाध्यक्ष को उभ्भा गांव सेगिरफ्तार कर लिए जाने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर इकट्ठा होना शुरू कर दिया। उधर, इसकी भनक लगते ही जिला प्रसासन ने कांग्रेस कार्यालय को छावनी में तब्दील कर भारी पुलिस फोर्स लगा दिया। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर निकल कर प्रदेश सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल प्रदेश अध्यक्ष,जिलाध्यक्ष समेत अन्य नेताओं के रिहाई की मांग करते हुए वहीं धरना पर बैठ गए। धरना शुरू होते ही प्रशासन के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आननफानन में अधिकारियों ने बढ़ौली चौराहा स्थित जिला कार्यालय में धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को कार्यालय में ही नजरबंद कर दिया।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव ज्ञानेंद्र तिवारी व पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष नामवर कुशवाहा ने प्रशासन पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेताओं की रिहाई तक विरोध जारी रखेंगे। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव धीरज पांडेय ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल भाजपा के इशारे पर पुलिस प्रसासन सोशल डिस्टेंस का पालन कर श्रद्धांजलि देने जा रहे कांग्रेस नेताओं का गिरफ्तार किए जाने की घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। बाद में पुलिस के अधिकारियों ने विरोध जता रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बातचीत कर शांत करा दिया।