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धरती में कंपन से सहमे लोग
अमर उजाला ब्यूरो। सोनभद्र
Updated Wed, 13 May 2015 12:10 AM IST
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एक पखवारे के अंतराल पर दुबारा मंगलवार को भूकंप का झटका महसूस किया गया। अन्य स्थानों के साथ सोनांचल की धरती भी महज 15 सेंकेड के लिए डोली। इसका परिणाम हुआ कि लोगबाग दहशत में हो गए। भूकंप का झटका महसूस होने के साथ लोगों चीख-पुकार मचाते हुए घर से बाहर की तरफ दौड़ पड़े। कुछ देर बाद हालत सामान्य हो गए लेकिन करीब ढाई घंटे बाद फिर से आए दो सेकेंड के झटके ने लोगों को बेचैन कर दिया। इसके चलते दहशत में आए लोग देर तक लान, पार्क और सड़कों पर टहलते नजर आए।
12.37 बजे 15 सेकेंड के लिए आए पहले झटके ने लोगों को हड़बड़ाकर रख दिया। राबर्ट्सगंज नगर में दोपहर 12:37 बजे पहला भूकंप का झटका महसूस किया गया। इस दौरान अधिकांश लोग दोपहर के समय अपने घरों में आराम तलब हुए थे। झटके को लोग जब तक समझ पाते और घर, आफिस, न्यायालय, अस्पताल, चैम्बर से बाहर निकल कर भागते झटका समाप्त हो गया। लेकिन कुछ अंतराल के बाद भूकंप का दूसरा झटका महसूस किया गया। यह झटका लोगों को भयभीत कर दिया। दूसरा झटका कुछ क्षणों के लिए था, लेकिन लोगों के दिलों दिमाग पर छा गया कि फिर भूकंप आएगा । हालांकि कहीं से कोई अनहोनी अथवा क्षति की सूचना नहीं मिली। डाला और चोपन, केकराही, बभनी, कोन, घोरावल, शाहगंज और करमा प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप का झटका दोपहर बाद 12:38 बजे आया। इसकी जानकारी होते ही लोग घरों से बाहर निकल भागे और शोरगुल शुरु हो गया। लोग अपने घरों, कार्यालयों, दूकानाें से बाहर निकल आए और भूकंप के दोपहर के समय ही आने के बारे में चर्चा होती रही। दूसरा झटका दोपहर बाद 1:10 बजे आया। बता दें कि सबसे पहले 25 अप्रैल को पूर्वांहन 11:41 बजे और दोपहर बाद 12:29 बजे भूकंप के झटके आए थे। इस दौरान कई लोगों की घरों, कार्यालयों की दीवार चटक गई थी।
उधर ऊर्जांचल के अनपरा, रेणुसागर, बीना ककरी, बीजपुर, शक्तिनगर, सिंगरौली, बैढ़न, मोरवा, बरगवां, जयंत, गोरबी आदि जगहों पर आए भूकंप के दौरान जो जिस हाल में था, उसी हाल में घरों के बाहर दौड़ पड़ा। तपिश के चलते तमाम लोग घरों में आराम फरमा रहे थे, लेकिन किसी की कुर्सी, किसी का बेड तो किसी को दिवाल और फर्श हिलने के एहसास ने घरों के बाहर भागने पर मजबूर कर दिया। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने भी वाहन जहां-तहां रोक दिया। चंद मिनटों बाद ही हालत सामान्य हो गए लेकिन खौफ के चलते लोग देर तक घरों के बाहर बने रहे। एक दूसरे का हाल जानने का सिलसिला भी देर तक चलता रहा। भूकंप के खौफ से उबकर लोग चैन ले ही रहे थे कि 3.18 बजे दो सेकेंड के झटके ने एक बार फिर से लोगों को बेचैन कर दिया। हालांकि झटका धीमा होने के कारण लोग ज्यादा परेशान नहीं हुए।
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12.37 बजे 15 सेकेंड के लिए आए पहले झटके ने लोगों को हड़बड़ाकर रख दिया। राबर्ट्सगंज नगर में दोपहर 12:37 बजे पहला भूकंप का झटका महसूस किया गया। इस दौरान अधिकांश लोग दोपहर के समय अपने घरों में आराम तलब हुए थे। झटके को लोग जब तक समझ पाते और घर, आफिस, न्यायालय, अस्पताल, चैम्बर से बाहर निकल कर भागते झटका समाप्त हो गया। लेकिन कुछ अंतराल के बाद भूकंप का दूसरा झटका महसूस किया गया। यह झटका लोगों को भयभीत कर दिया। दूसरा झटका कुछ क्षणों के लिए था, लेकिन लोगों के दिलों दिमाग पर छा गया कि फिर भूकंप आएगा । हालांकि कहीं से कोई अनहोनी अथवा क्षति की सूचना नहीं मिली। डाला और चोपन, केकराही, बभनी, कोन, घोरावल, शाहगंज और करमा प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप का झटका दोपहर बाद 12:38 बजे आया। इसकी जानकारी होते ही लोग घरों से बाहर निकल भागे और शोरगुल शुरु हो गया। लोग अपने घरों, कार्यालयों, दूकानाें से बाहर निकल आए और भूकंप के दोपहर के समय ही आने के बारे में चर्चा होती रही। दूसरा झटका दोपहर बाद 1:10 बजे आया। बता दें कि सबसे पहले 25 अप्रैल को पूर्वांहन 11:41 बजे और दोपहर बाद 12:29 बजे भूकंप के झटके आए थे। इस दौरान कई लोगों की घरों, कार्यालयों की दीवार चटक गई थी।
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उधर ऊर्जांचल के अनपरा, रेणुसागर, बीना ककरी, बीजपुर, शक्तिनगर, सिंगरौली, बैढ़न, मोरवा, बरगवां, जयंत, गोरबी आदि जगहों पर आए भूकंप के दौरान जो जिस हाल में था, उसी हाल में घरों के बाहर दौड़ पड़ा। तपिश के चलते तमाम लोग घरों में आराम फरमा रहे थे, लेकिन किसी की कुर्सी, किसी का बेड तो किसी को दिवाल और फर्श हिलने के एहसास ने घरों के बाहर भागने पर मजबूर कर दिया। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने भी वाहन जहां-तहां रोक दिया। चंद मिनटों बाद ही हालत सामान्य हो गए लेकिन खौफ के चलते लोग देर तक घरों के बाहर बने रहे। एक दूसरे का हाल जानने का सिलसिला भी देर तक चलता रहा। भूकंप के खौफ से उबकर लोग चैन ले ही रहे थे कि 3.18 बजे दो सेकेंड के झटके ने एक बार फिर से लोगों को बेचैन कर दिया। हालांकि झटका धीमा होने के कारण लोग ज्यादा परेशान नहीं हुए।
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