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निरीक्षण में कई डॉक्टर मिले अनुपस्थित
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:53 PM IST
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जिला अस्पताल में मंगलवार को मरीजों से जानकारी लेते कमिश्नर रंजन कुमार। अमर उजाला
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स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ मरीजों को मिल रहा है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए मंगलवार को विंध्याचल मंडल मिर्जापुर के कमिश्नर रंजन कुमार ने जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उपस्थित पंजिका की जांच की तो पता चला की 32 डॉक्टरों में से पांच डॉक्टर अवकाश पर हैं। तीन डॉक्टर काफी दिनों से गैरहाजिर चल रहे हैं। कमिश्नर ने डीएम को लंबे समय से अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ शासनस्तर पर लिखापढ़ी करने का निर्देश दिया।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचे मंडलायुक्त ने इमरजेंसी कक्ष में मौजूद डॉक्टर प्रवेश सिंह से पूछताछ की। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड में जाकर सीएमओ डा. यूके वर्मा और सीएमएस डा. गणेश प्रसाद से दवाओं के बारे में जानकारी हासिल की। महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, पंजीकरण सेंटर, दवा वितरण केंद्र, लैब, आपरेशन कक्ष, सीएमएस कक्ष, एनआरसी कक्ष, दवा स्टोर का जायजा लिया। किसी भी हाल में बाहर से दवा न लिखने का निर्देश दिया।
जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, दवा भंडारण, आशा /एएनएम मीटिंग आैर रोगी कल्याण समिति रजिस्टर को देखा। कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रभारी चिकित्साधिकारी से लेकर सभी कर्मियाें की ड्यूटी लिस्ट का रोस्टर बनाकर मोबाइल नंबर अंकित करने को कहा। ड्यूटी समय-सारणी जिलाधिकारी के वेबसाइड पर अपलोड करने और उन्हें उपलब्ध कराने को कहा ताकि ड्यूटी की क्रास चेकिंग भी होती रहे। जननी सुरक्षा योजना के तहत 14 सौ की रकम आरटीजीएस के जरिये सीधे खातों में भेजने का निर्देश दिया।
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दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचे मंडलायुक्त ने इमरजेंसी कक्ष में मौजूद डॉक्टर प्रवेश सिंह से पूछताछ की। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड में जाकर सीएमओ डा. यूके वर्मा और सीएमएस डा. गणेश प्रसाद से दवाओं के बारे में जानकारी हासिल की। महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, पंजीकरण सेंटर, दवा वितरण केंद्र, लैब, आपरेशन कक्ष, सीएमएस कक्ष, एनआरसी कक्ष, दवा स्टोर का जायजा लिया। किसी भी हाल में बाहर से दवा न लिखने का निर्देश दिया।
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जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, दवा भंडारण, आशा /एएनएम मीटिंग आैर रोगी कल्याण समिति रजिस्टर को देखा। कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रभारी चिकित्साधिकारी से लेकर सभी कर्मियाें की ड्यूटी लिस्ट का रोस्टर बनाकर मोबाइल नंबर अंकित करने को कहा। ड्यूटी समय-सारणी जिलाधिकारी के वेबसाइड पर अपलोड करने और उन्हें उपलब्ध कराने को कहा ताकि ड्यूटी की क्रास चेकिंग भी होती रहे। जननी सुरक्षा योजना के तहत 14 सौ की रकम आरटीजीएस के जरिये सीधे खातों में भेजने का निर्देश दिया।
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