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मांगों को लेकर विद्युत कामगारों ने भरी हुंकार
संवाददाता अमर उजाला सोनभद्र
Updated Sat, 20 Dec 2014 11:11 PM IST
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य गेट शनिवार को कामगारों ने प्रदर्शन किया। सात सूत्री मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार और ऊर्जा निगम प्रबंधन की ओर से जल्द मांगों को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई तो संगठन बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
विद्युत मजदूर पंचायत के अध्यक्ष केसी पांडेय ओर उप्र बिजली कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री सुशील कुमार श्रीवास्तव ने 14 जनवरी 2000 से पूर्व की स्थिति बहाल करते हुए विद्युत परिषद का पुनर्गठन करने,
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मजदूरों के ईपीएफ कटौती में हुए एक हजार करोड़ के गबन में ठेकेदारों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, विद्युत उपभोक्ता, उत्पादन और पारेषण विभाग में बढ़ी क्षमता के आधार पर नए पद का सृजन कर भर्ती करने,
संविदा पर कार्यरत श्रमिकों, छंटनीशुदा, मस्टररोल एवं पार्टटाइम पर कार्यरत कर्मियों की स्थायी नियुक्ति करने की आवाज उठाई।
वहीं विद्युत मजदूर संगठन के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह व हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष पीपी त्रिपाठी ने कहा कि ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करते हुए संविदा कर्मियों को सीधे विभाग से नियमित कर्मियों की भांति वेतन भुगतान किया जाए।
उन्होंने श्रम कानूनों के पालन के लिए अधिशासी अभियंताओं को जवाबदेह बनाए जाने की भी मांग की। यूपी बिजली बोर्ड इंपलाइज यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री विशंभर सिंह ने बड़े उद्योगों में कार्यरत कर्मियों के सेवानिवृत्त देयों का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किए जाने,
वेतन विसंगतियों को दूर करने, समानुपातिक आधार पर ग्रेड पे नियत करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का तृतीय टाइमस्केल 8550-13500 किए जाने तथा उत्पादन निगम में पावर कारपोरेशन के सभी आदेशों को लागू करने की मांग की।
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चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार और ऊर्जा निगम प्रबंधन की ओर से जल्द मांगों को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई तो संगठन बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
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विद्युत मजदूर पंचायत के अध्यक्ष केसी पांडेय ओर उप्र बिजली कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री सुशील कुमार श्रीवास्तव ने 14 जनवरी 2000 से पूर्व की स्थिति बहाल करते हुए विद्युत परिषद का पुनर्गठन करने,
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मजदूरों के ईपीएफ कटौती में हुए एक हजार करोड़ के गबन में ठेकेदारों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, विद्युत उपभोक्ता, उत्पादन और पारेषण विभाग में बढ़ी क्षमता के आधार पर नए पद का सृजन कर भर्ती करने,
संविदा पर कार्यरत श्रमिकों, छंटनीशुदा, मस्टररोल एवं पार्टटाइम पर कार्यरत कर्मियों की स्थायी नियुक्ति करने की आवाज उठाई।
वहीं विद्युत मजदूर संगठन के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह व हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष पीपी त्रिपाठी ने कहा कि ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करते हुए संविदा कर्मियों को सीधे विभाग से नियमित कर्मियों की भांति वेतन भुगतान किया जाए।
उन्होंने श्रम कानूनों के पालन के लिए अधिशासी अभियंताओं को जवाबदेह बनाए जाने की भी मांग की। यूपी बिजली बोर्ड इंपलाइज यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री विशंभर सिंह ने बड़े उद्योगों में कार्यरत कर्मियों के सेवानिवृत्त देयों का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किए जाने,
वेतन विसंगतियों को दूर करने, समानुपातिक आधार पर ग्रेड पे नियत करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का तृतीय टाइमस्केल 8550-13500 किए जाने तथा उत्पादन निगम में पावर कारपोरेशन के सभी आदेशों को लागू करने की मांग की।