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बिना रसीद के खरीद फरोख्त में उलझे व्यवसायी
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:38 AM IST
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बिना रसीद के खरीद फरोख्त करना स्वर्ण व्यवसायियों को भारी पड़ने वाला है। काली कमाई खपाने के चक्कर में सफेदपोश और अधिकारियों को एक साथ लाखों का सोना बेचकर व्यवसायी फंस गए हैं। सीए भी अब व्यवसायियों के विवरण को ठीकठाक करने से हाथ खड़ा कर ले रहे हैं।जिले में 328 छोटे-बड़े स्वर्ण व्यवसायी हैं। राबर्ट्सगंज में 19 दूकानें हैं। इनमें से कुछ व्यवसायी बिना रसीद के सोना की लेनदेन करते हैं।
इनमें से एक व्यवसायी ने लखनऊ में तैनात एक पुलिस अफसर को नौ नवंबर को 90 लाख का सोना बेच दिया। इसी तरह से सफेदपोश और माननीयों को भी बिना रसीद और बिल का सोना दे दिया गया। सूत्रों की मानें तो व्यवसायी ने पहले अपने सीए से इस बारे में पूछताछ की तो उन्होंने सोना बेचने को हरी झंडी दे दी। बाद में सीए ने भी खाता दुरुस्त करने से हाथ खड़ा कर लिया। चूंकि एक्साइज ड्यूटी कम करने को लेकर तीन माह से अधिक स्वर्ण आभूषण की दूकानें बंद थी।
ऐसे में इतनी मात्रा का सोना की खरीद और बिक्री गले की फांस बन गई। अब रिकार्ड दुरुस्त करने को लेकर स्वर्णकार मारे मारे फिर रहे हैं। उन्हें इनकम टैक्स का भय सता रहा है।
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इनमें से एक व्यवसायी ने लखनऊ में तैनात एक पुलिस अफसर को नौ नवंबर को 90 लाख का सोना बेच दिया। इसी तरह से सफेदपोश और माननीयों को भी बिना रसीद और बिल का सोना दे दिया गया। सूत्रों की मानें तो व्यवसायी ने पहले अपने सीए से इस बारे में पूछताछ की तो उन्होंने सोना बेचने को हरी झंडी दे दी। बाद में सीए ने भी खाता दुरुस्त करने से हाथ खड़ा कर लिया। चूंकि एक्साइज ड्यूटी कम करने को लेकर तीन माह से अधिक स्वर्ण आभूषण की दूकानें बंद थी।
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ऐसे में इतनी मात्रा का सोना की खरीद और बिक्री गले की फांस बन गई। अब रिकार्ड दुरुस्त करने को लेकर स्वर्णकार मारे मारे फिर रहे हैं। उन्हें इनकम टैक्स का भय सता रहा है।
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