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हड़ताल के दूसरे दिन एटीएम भी खाली, भटके ग्राहक
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राबर्ट्सगंज में राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।
- फोटो : SONBHADRA
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निजीकरण के विरोध में जारी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन एटीएम भी खाली हो गए। नकदी की निकासी के लिए ग्राहक भटकते रहे। कई एटीएम बूथ के चक्कर लगाने के बाद ग्राहकों को दूसरों से उधार लेकर काम चलाना पड़ा। ऑनलाइन पेमेंट के विभिन्न माध्यम लोगों के मददगार बने। उधर, कर्मचारियों ने नगर में बाइक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। निजीकरण को सरकार की साजिश बताते हुए नारेबाजी की।
आल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले लामबंद कर्मचारी बृहस्पतिवार से हड़ताल पर हैं। बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुल पा रहे। ग्राहकों की सहूलियत के लिए बंदी से पहले एटीएम में कैश भरे गए थे, लेकिन दो दिनों से बैंक न खुलने से ज्यादातर एटीएम शुक्रवार की सुबह तक खाली हो गए थे। ऐसे में नकदी निकासी के लिए लोग भटकते रहे। नगर में स्थित एसबीआई, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक सहित कई अन्य बैंकों के एटीएम में पैसे न होने से लोगों को परेशानी हुई। विशेष परिस्थिति में ग्राहकों ने दूसरों से पैसे खाते में ट्रांसफर कराए। नई बाजार के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वह दवा के लिए राबर्ट्सगंज आए थे। अचानक से तीन हजार रुपये कम पड़ गए। एटीएम खाली होने से पैसे नहीं निकल सके। खरीदारी के लिए बाजार आए परासी के विजय ने भी दोबारा घर पहुंचकर पैसों का इंतजाम किया। दूसरी ओर बैंक कर्मचारियों ने एसोिसिएशन के बैनर तले नगर में बाइक जुलूस निकालकर नारेबाजी की। इसमें राजीव रंजन, कृष्णा, सूर्यकांत, सुशील मिश्र, महेश सिंह, मनीष, चंदन, प्रकाश, रमेश, सूरज, संतोष, शिवम पांडेय, दिवाकर, शिखा, शिवपूजन आदि शामिल रहे।
हड़ताल से कारोबार रहा प्रभावित
शक्तिनगर। निजीकरण सहित अन्य मांगों के समर्थन में बैंक कर्मचारियों की दो दिनी हड़ताल से से दूसरे दिन शुक्रवार को भी बैंक कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। शुक्रवार को शक्तिनगर, खड़िया, बीना परियोजना कर्मचारियों सहित आस पास ग्रामीण इलाकों के लोगों के साथ कारोबारियों को काफी दिक्कतें हुई। बीना परियोजना आवासीय परिसर स्थित यूबीआई, एसबीआई दोनों बैंक के कर्मचारी पूर्ण रूप से हड़ताल पर रहे। यही हाल शक्तिनगर क्षेत्र में मौजूद बैंकों का रहा। एटीएम में पैसा न होने से लोग खाली हाथ इधर उधर भटकते रहे। कुछ लोग दिनभर बैंक खुलने का इंतजार भी करते दिखे तो कुछ लोग बैंक बंद होने का कारण एक दूसरे से पूछते रहे।
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आल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले लामबंद कर्मचारी बृहस्पतिवार से हड़ताल पर हैं। बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुल पा रहे। ग्राहकों की सहूलियत के लिए बंदी से पहले एटीएम में कैश भरे गए थे, लेकिन दो दिनों से बैंक न खुलने से ज्यादातर एटीएम शुक्रवार की सुबह तक खाली हो गए थे। ऐसे में नकदी निकासी के लिए लोग भटकते रहे। नगर में स्थित एसबीआई, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक सहित कई अन्य बैंकों के एटीएम में पैसे न होने से लोगों को परेशानी हुई। विशेष परिस्थिति में ग्राहकों ने दूसरों से पैसे खाते में ट्रांसफर कराए। नई बाजार के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वह दवा के लिए राबर्ट्सगंज आए थे। अचानक से तीन हजार रुपये कम पड़ गए। एटीएम खाली होने से पैसे नहीं निकल सके। खरीदारी के लिए बाजार आए परासी के विजय ने भी दोबारा घर पहुंचकर पैसों का इंतजाम किया। दूसरी ओर बैंक कर्मचारियों ने एसोिसिएशन के बैनर तले नगर में बाइक जुलूस निकालकर नारेबाजी की। इसमें राजीव रंजन, कृष्णा, सूर्यकांत, सुशील मिश्र, महेश सिंह, मनीष, चंदन, प्रकाश, रमेश, सूरज, संतोष, शिवम पांडेय, दिवाकर, शिखा, शिवपूजन आदि शामिल रहे।
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हड़ताल से कारोबार रहा प्रभावित
शक्तिनगर। निजीकरण सहित अन्य मांगों के समर्थन में बैंक कर्मचारियों की दो दिनी हड़ताल से से दूसरे दिन शुक्रवार को भी बैंक कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। शुक्रवार को शक्तिनगर, खड़िया, बीना परियोजना कर्मचारियों सहित आस पास ग्रामीण इलाकों के लोगों के साथ कारोबारियों को काफी दिक्कतें हुई। बीना परियोजना आवासीय परिसर स्थित यूबीआई, एसबीआई दोनों बैंक के कर्मचारी पूर्ण रूप से हड़ताल पर रहे। यही हाल शक्तिनगर क्षेत्र में मौजूद बैंकों का रहा। एटीएम में पैसा न होने से लोग खाली हाथ इधर उधर भटकते रहे। कुछ लोग दिनभर बैंक खुलने का इंतजार भी करते दिखे तो कुछ लोग बैंक बंद होने का कारण एक दूसरे से पूछते रहे।
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