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तकनीकी खराबी से अनपरा की सातवीं इकाई बंद
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ब्वायलर फ्री पंप में खराबी के कारण बुधवार की सुबह अनपरा परियोजना की सातवीं इकाई सुबह 5:24 बजे 500 मेगावाट की सातवीं इकाई ट्रिप कर गई। सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि इकाई का अनुरक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। तीन दिनों में इकाई को लोड पर ले लिया जाएगा। उन्होंने बीटीएल के कारण बंद हुई 210 मेगावाट की पहली इकाई को रात में उत्पादनरत कर लेने की उम्मीद जताई है।
जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि रात में 9:28 बजे सातवीं इकाई ने फुल लोड अर्जित करने में सफलता पाई थी। इकाई से उस समय रिकार्ड 503 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। बहरहाल बुधवार को परियोजना की सात में से महज चार इकाईयों से उत्पादन होने के कारण परियोजना के साथ निगम के उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान अनपरा परियोजना से स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष महज 1241 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इससे निगम का उत्पादन भी लुढ़ककर 2701 मेगावाट पहुंच गया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट से बिजली की मांग में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 22081 मेगावाट दर्ज किया गया। मौसम के मिजाज को देखते हुए तापमान में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
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जीएम आरके अग्रवाल ने बताया कि रात में 9:28 बजे सातवीं इकाई ने फुल लोड अर्जित करने में सफलता पाई थी। इकाई से उस समय रिकार्ड 503 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया। बहरहाल बुधवार को परियोजना की सात में से महज चार इकाईयों से उत्पादन होने के कारण परियोजना के साथ निगम के उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान अनपरा परियोजना से स्थापित क्षमता 2630 मेगावाट के सापेक्ष महज 1241 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। इससे निगम का उत्पादन भी लुढ़ककर 2701 मेगावाट पहुंच गया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट से बिजली की मांग में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 22081 मेगावाट दर्ज किया गया। मौसम के मिजाज को देखते हुए तापमान में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
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