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बिजली अनपरा से जाएगी उन्नाव
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:43 AM IST
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सांकेतिक फोटो
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765 केवीए की अनपरा डी-उन्नाव पारेषण लाइन निर्माण को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से सशर्त हरी झंडी मिल गई। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी ने पहले ही सहमति जता दी थी। अब वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से तय की गई शर्तों को पूरा करने के साथ एक माह बाद अधर में लटके पड़े निर्माण को का शुभारंभ हो जाएगा।
हजार मेगावाट वाली अनपरा डी में उत्पादित बिजली इसी रास्ते उन्नाव पहुंचनी है। चूंकि यह लाइन सोनभद्र-मिर्जापुर के बीच स्थित कैमूर वन्य जीव विहार से होकर गुजरती है। इसलिए क्लीयरेंस (एनओसी) का पेंच फंस गया था। बाधा को दूर करने के लिए वर्ष 2011 से ही प्रयास जारी था। पिछले वर्ष मंत्रालय से संस्तुति के बाद फाइल वन्य जीवों से जुड़ा मामला देखने वाली सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के पास पहुंची।
वहां से गत नवंबर में कार्य पर सहमति जता दी गई। इसके बाद मामले की फिर से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में सुनवाई हुई। करीब एक सप्ताह पहले यहां से भी हरी झंडी मिल गई। इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं, जिसे पूर्ण करने का काम शुरू कर दिया गया है। उधर, एक्सईएन पारेषण इं. एससी तिवारी ने कहा कि शर्तों को पूरा किया जा रहा है। माह भर बाद रुका निर्माण शुरू हो जाएगा।
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हजार मेगावाट वाली अनपरा डी में उत्पादित बिजली इसी रास्ते उन्नाव पहुंचनी है। चूंकि यह लाइन सोनभद्र-मिर्जापुर के बीच स्थित कैमूर वन्य जीव विहार से होकर गुजरती है। इसलिए क्लीयरेंस (एनओसी) का पेंच फंस गया था। बाधा को दूर करने के लिए वर्ष 2011 से ही प्रयास जारी था। पिछले वर्ष मंत्रालय से संस्तुति के बाद फाइल वन्य जीवों से जुड़ा मामला देखने वाली सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के पास पहुंची।
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वहां से गत नवंबर में कार्य पर सहमति जता दी गई। इसके बाद मामले की फिर से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में सुनवाई हुई। करीब एक सप्ताह पहले यहां से भी हरी झंडी मिल गई। इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं, जिसे पूर्ण करने का काम शुरू कर दिया गया है। उधर, एक्सईएन पारेषण इं. एससी तिवारी ने कहा कि शर्तों को पूरा किया जा रहा है। माह भर बाद रुका निर्माण शुरू हो जाएगा।
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