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खाद के लिए किसानों का प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:27 PM IST
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सांगोबांध स्थित लैंपस गोदाम पर मंगलवार को खाद के लिए लगी किसानों की भीड़। अमर उजाला
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म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के सागोबांध लैंपस पर किसानों ने मंगलवार को खाद के लिए विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों ने लैंपस सचिव पर कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए विरोध में जमकर नारेबाजी की। लैंपस उपाध्यक्ष देवनारायण ओझा ने कहा कि अगर शीघ्र व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो इस्तीफा दे देंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि करीब पंद्रह दिन पहले खाद गोदाम में आ गया था, लेकिन लैंपस सचिव गोदाम में आवास रहने के बावजूद भी नहीं रहते। लैंपस समिति के उपाध्यक्ष देवनरायण ओझा ने कहा कि समिति के अध्यक्ष और सचिव किसी की नहीं सुनते हैं और ये अपने मन की करते हैं। अगर यहीं स्थिति रही तो अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। किसानों शेषपाल, देवशाह, सुरेश कुमार यादव और सुग्रीव यादव ने कहा कि हर साल इसी तरह का खेल कर खाद की कालाबाजारी की जाती है।
कहा कि पिछले साल भी यही समस्या थी, लेकिन डीएम के निर्देश पर खाद की कालाबाजारी रुकी थी। किसानों ने खाद की समस्या से फरीपान, सागोबांध, नौडीहा, कुड़पान, विश्रामपुर, देवहार, मनरूटोला के लोगों को निजात दिलाने की मांग की। राजदेव, उमेश यादव, कामेश्वर और सीमा देवी ने कहा कि कृषि प्रधान देश में पैसा देने पर भी खाद-बीज नही मिल पा रहा। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में रामसेवक यादव, सत्यनरायन, अशोक, अनिल, बासदेव, रूपनरायन आदि शामिल रहे।
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ग्रामीणों ने कहा कि करीब पंद्रह दिन पहले खाद गोदाम में आ गया था, लेकिन लैंपस सचिव गोदाम में आवास रहने के बावजूद भी नहीं रहते। लैंपस समिति के उपाध्यक्ष देवनरायण ओझा ने कहा कि समिति के अध्यक्ष और सचिव किसी की नहीं सुनते हैं और ये अपने मन की करते हैं। अगर यहीं स्थिति रही तो अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। किसानों शेषपाल, देवशाह, सुरेश कुमार यादव और सुग्रीव यादव ने कहा कि हर साल इसी तरह का खेल कर खाद की कालाबाजारी की जाती है।
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कहा कि पिछले साल भी यही समस्या थी, लेकिन डीएम के निर्देश पर खाद की कालाबाजारी रुकी थी। किसानों ने खाद की समस्या से फरीपान, सागोबांध, नौडीहा, कुड़पान, विश्रामपुर, देवहार, मनरूटोला के लोगों को निजात दिलाने की मांग की। राजदेव, उमेश यादव, कामेश्वर और सीमा देवी ने कहा कि कृषि प्रधान देश में पैसा देने पर भी खाद-बीज नही मिल पा रहा। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में रामसेवक यादव, सत्यनरायन, अशोक, अनिल, बासदेव, रूपनरायन आदि शामिल रहे।
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