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गेहूं खरीद में आ रही बाधा को दूर करने की बनी रणनीति
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सोनभद्र। कलेक्ट्रेट में बुधवार को पार्थ अच्युत संभागीय खाद्य नियंत्रक एवं उपायुक्त खाद्य मीरजापुर मंडल की अध्यक्षता में खाद्य तथा रसद विभाग की संयुक्त बैठक हुई। इसमें कोविड.19 के प्रभावों के चलते लॉक डाउन में बोरों के न मिलने से क्रय केेंद्रों पर गेहूं खरीदने में हो रही दिक्कतों को दूर करने की रणनीति बनी। कोटेदारों का खाली बोरों को खरीदने का निर्णय लिया गया।
संभागीय खाद्य नियंत्रक केके सिंह एवं उपायुक्त खाद्य पार्थ अच्युत ने कहा कि क्रय केंद्रों पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए किसानों को गेहूं क्रय किया जाए। केंद्रों पर किसानों के हाथों को धुलने के लिए साबुन, पानी आदि का इंतजाम हो। शासन के मंशानुसार सभी किसानों का गेहूं क्रय करते हुए उनका भुगतान किया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि गेहूं खरीद में किसी प्रकार की हिलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। कोरोना वायरस के चलते जूट के बोरे नहीं मिल सकें है। इस नाते गेहूं खरीदने के लिए बोरे कम पड़ रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कोटेदारों के खाली बोरे खरीदने का निर्णय लिया है।
सोनभद्र में प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख बोरे सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर खाली होते है, यह बोरा कोटेदार के लाभांश के अन्तर्गत होता है, सरकार यह बोरा क्रय कर रही है। द्वितीय चक्र में जिले में 15 मई नि:शुल्क चना, चावल और मिट्टी का तेल वितरित किया जाना है। एक माह मे दो चक्र के उठान. वितरण में आने वाली दिक्कतों की भी समीक्षा की गई। कहा कि 14 मई तक शत-प्रतिशत उठान कर लिया जाए। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने अवगत कराया कि 793 कोटेदारों के सापेक्ष 710 दुकानदारों ने बुधवार तक निकासी कर लिया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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संभागीय खाद्य नियंत्रक केके सिंह एवं उपायुक्त खाद्य पार्थ अच्युत ने कहा कि क्रय केंद्रों पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए किसानों को गेहूं क्रय किया जाए। केंद्रों पर किसानों के हाथों को धुलने के लिए साबुन, पानी आदि का इंतजाम हो। शासन के मंशानुसार सभी किसानों का गेहूं क्रय करते हुए उनका भुगतान किया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि गेहूं खरीद में किसी प्रकार की हिलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। कोरोना वायरस के चलते जूट के बोरे नहीं मिल सकें है। इस नाते गेहूं खरीदने के लिए बोरे कम पड़ रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कोटेदारों के खाली बोरे खरीदने का निर्णय लिया है।
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सोनभद्र में प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख बोरे सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर खाली होते है, यह बोरा कोटेदार के लाभांश के अन्तर्गत होता है, सरकार यह बोरा क्रय कर रही है। द्वितीय चक्र में जिले में 15 मई नि:शुल्क चना, चावल और मिट्टी का तेल वितरित किया जाना है। एक माह मे दो चक्र के उठान. वितरण में आने वाली दिक्कतों की भी समीक्षा की गई। कहा कि 14 मई तक शत-प्रतिशत उठान कर लिया जाए। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने अवगत कराया कि 793 कोटेदारों के सापेक्ष 710 दुकानदारों ने बुधवार तक निकासी कर लिया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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