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पंचायती राज ग्राम संगठन ने लगाया उत्नीड़न का आरोप
Sonbhadra
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर के दंडईत बाबा मंदिर में रविवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन केे प्रदेश सचिव गोपी नाथ गिरी की अध्यक्षता में प्रधानों, सेक्रेटरियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें शासन, जिला प्रशासन द्वारा पंचायतों के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों की उपेक्षा एवं शोषण के खिलाफ लड़ाई की रणनीति तैयार की गई। अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न बंद न करने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 73वां संविधान संसोधन द्वारा 11वीं अनुसूची में उल्लेखित 29 विषय/विभागों को पंचायतों को न दिए जाने से विकास कार्य में दिक्कत हो रही है। पूर्व में राजधानी में प्रमुख सचिव ने प्रधानों को उनकी मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस पर अमल ही नहीं किया गया। ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारियों/ ग्राम विकास अधिकारियों का समयवद्ध वेतनमान 10,16 एवं 26 वर्षीय समय से नहीं लगाया जा रहा है। निर्धारित समय पर एरियर का भुगतान न करके उत्पीड़न किया जा रहा है। कमलेश ओझा, शमशेर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष सितंबर में किए गए आंदोलन के दौरान तत्कालीन सीडीओ शफकत कमाल ने मनरेगा की गाइड लाइन प्रधानों को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। बीडीओ इनवायस पर हस्ताक्षर करने के नाम पर शोषण कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि सेक्रेटरियों का अनावश्यक स्थानांतरण और प्रधानों का उत्पीड़न किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में हरिशंकर देव, प्रेमनाथ चौबे, सुरेश तिवारी, जगदीश मिश्रा, राम अवध मिश्रा, गोपी सिंह, अश्वनी श्रीवास्तव, शंकर यादव, रमाकांत देव पांडेय, मिश्री लाल चौरसिया, नरेश सिंह, सुनील पाल, कौशलेंद्र राय, दूधनाथ मौर्या, दिनेश यादव, सूर्यमणि तिवारी, बाबूराम गुप्ता आदि मौजूद थे।
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बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 73वां संविधान संसोधन द्वारा 11वीं अनुसूची में उल्लेखित 29 विषय/विभागों को पंचायतों को न दिए जाने से विकास कार्य में दिक्कत हो रही है। पूर्व में राजधानी में प्रमुख सचिव ने प्रधानों को उनकी मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस पर अमल ही नहीं किया गया। ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारियों/ ग्राम विकास अधिकारियों का समयवद्ध वेतनमान 10,16 एवं 26 वर्षीय समय से नहीं लगाया जा रहा है। निर्धारित समय पर एरियर का भुगतान न करके उत्पीड़न किया जा रहा है। कमलेश ओझा, शमशेर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष सितंबर में किए गए आंदोलन के दौरान तत्कालीन सीडीओ शफकत कमाल ने मनरेगा की गाइड लाइन प्रधानों को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। बीडीओ इनवायस पर हस्ताक्षर करने के नाम पर शोषण कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि सेक्रेटरियों का अनावश्यक स्थानांतरण और प्रधानों का उत्पीड़न किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में हरिशंकर देव, प्रेमनाथ चौबे, सुरेश तिवारी, जगदीश मिश्रा, राम अवध मिश्रा, गोपी सिंह, अश्वनी श्रीवास्तव, शंकर यादव, रमाकांत देव पांडेय, मिश्री लाल चौरसिया, नरेश सिंह, सुनील पाल, कौशलेंद्र राय, दूधनाथ मौर्या, दिनेश यादव, सूर्यमणि तिवारी, बाबूराम गुप्ता आदि मौजूद थे।
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