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प्रोजेक्ट के समय पर पृूरा होने में संदेह
Sonbhadra
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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अनपरा। एक हजार मेगावाट की अनपरा डी परियोजना समय पर पूरी होगी, अब इसे लेकर शीर्ष प्रबंधन को भी संदेह होने लगा है। हालांकि निगम के एमडी धीरज साहू ने सोमवार को देर शाम दूरभाष पर की गई बातचीत में कहा कि घटनाक्रम दुखद है। लेकिन एक-दो दिन में कामकाज सामान्य हो जाएगा।
एमडी श्री साहू ने कहा कि अनपरा डी परियोजना पहले ही काफी विलंबित हो चुकी है। ऐसे में और विलंब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना की पहली यूनिट की रिवाइज डेट मार्च 2013 तय की गई है। और इस अवधि तक पांच सौ मेगावाट की पहली यूनिट को लाइटअप कर लिया जाएगा। उन्होंने लेटलतीफी के लिए बीएचईएल को सीधे तौर पर जिम्मेदार कहा। अनपरा के इस दिन के हालात के बारे में कहा कि जल्द स्थिति नार्मल होगी। उधर अनपरा से जुड़े अभियंताओं और संविदाकारों ने बताया कि जो हालात यहां है वह इसे समय पर पूरा नहीं होने देंगे।
देश में पहली बार एश पांड पर बन रही अपनी तरह की पहली परियोजना में पिछले तीन वर्ष में कई घटनाएं हुई जिसके चलते कामकाज कई दिनों तक बंद रहा। पीसीपीएल कंपनी में अलग-अलग महीने में दो श्रमिकों की मौत से कई दिनों तक कामकाज ठप रहा। डीसीपीएल में गतिरोध चला तो कामकाज प्रभावित हुआ।
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एमडी श्री साहू ने कहा कि अनपरा डी परियोजना पहले ही काफी विलंबित हो चुकी है। ऐसे में और विलंब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना की पहली यूनिट की रिवाइज डेट मार्च 2013 तय की गई है। और इस अवधि तक पांच सौ मेगावाट की पहली यूनिट को लाइटअप कर लिया जाएगा। उन्होंने लेटलतीफी के लिए बीएचईएल को सीधे तौर पर जिम्मेदार कहा। अनपरा के इस दिन के हालात के बारे में कहा कि जल्द स्थिति नार्मल होगी। उधर अनपरा से जुड़े अभियंताओं और संविदाकारों ने बताया कि जो हालात यहां है वह इसे समय पर पूरा नहीं होने देंगे।
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देश में पहली बार एश पांड पर बन रही अपनी तरह की पहली परियोजना में पिछले तीन वर्ष में कई घटनाएं हुई जिसके चलते कामकाज कई दिनों तक बंद रहा। पीसीपीएल कंपनी में अलग-अलग महीने में दो श्रमिकों की मौत से कई दिनों तक कामकाज ठप रहा। डीसीपीएल में गतिरोध चला तो कामकाज प्रभावित हुआ।
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