{"_id":"61532","slug":"Sonbhadra-61532-63","type":"story","status":"publish","title_hn":" पांगन और त्रिशुली नदियों से हो रहा है अवैध खनन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांगन और त्रिशुली नदियों से हो रहा है अवैध खनन
Sonbhadra
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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म्योरपुर। छत्तीसगढ़ और प्रदेश की सीमाओं को बांटने वाली पांगन और त्रिशुली नदियों से अवैध खनन कर लाए जा रहे बालू को चोरी छुपे म्योरपुर एवं आस-पास के इलाकों में बेचा जा रहा है। बिना किसी कागजात के बिक रही बालू को लेकर पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर खनन पर रोक लगाने में पुलिस बहुत हद तक सफल रही है, परंतु अंतर प्रांतीय स्तर पर अवैध तरीके से बालू की तस्करी कर बेचे जाने के खिलाफ कोई कार्रवाई न होेने से ट्रैक्टर मालिकों एवं स्थानीय लोगाें में नाराजगी व्याप्त है।
लोगों की माने तो पुलिस केवल ट्रैक्टर वालों को ही टारगेट बना कर अपने काम को अंजाम दे रही है। बड़े स्तर पर खनन को अंजाम देने वालों के खिलाफ कुछ भी नहीं हो पा रहा है। म्योरपुर में बालू बिक्री की बात करें तो बड़े पैमाने पर कुछ लोग अपनी दबंगई और पुलिस की मिलीभगत से खनन कार्य को अंजाम दे रहे हैं। यदि मान भी लिया जाय कि छत्तीसगढ़ से बालू की खेप आ रही है तो उस पर बाकायदे सेलटैक्स लगना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। बालू के इस काले कारोबार में सभी की हिस्सेदारी पहुंच जाती है। साथ ही बालू खनन कर्ताओं की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। बालू खनन में लिप्त लोगाें ने पुलिस अधीक्षक से कई बार शिकायत की लेकिन आज तक कोई कार्रवाई न हो सकी है। पुलिस की कड़ाई के चलते जहां ट्रैक्टरों से खनन बंद है वहीं अंतर प्रांतीय स्तर पर खनन कर हो रही बालू, गिट्टी, सीमेंट की तस्करी पर लगाम नहीं लग सकी है।
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लोगों की माने तो पुलिस केवल ट्रैक्टर वालों को ही टारगेट बना कर अपने काम को अंजाम दे रही है। बड़े स्तर पर खनन को अंजाम देने वालों के खिलाफ कुछ भी नहीं हो पा रहा है। म्योरपुर में बालू बिक्री की बात करें तो बड़े पैमाने पर कुछ लोग अपनी दबंगई और पुलिस की मिलीभगत से खनन कार्य को अंजाम दे रहे हैं। यदि मान भी लिया जाय कि छत्तीसगढ़ से बालू की खेप आ रही है तो उस पर बाकायदे सेलटैक्स लगना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। बालू के इस काले कारोबार में सभी की हिस्सेदारी पहुंच जाती है। साथ ही बालू खनन कर्ताओं की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। बालू खनन में लिप्त लोगाें ने पुलिस अधीक्षक से कई बार शिकायत की लेकिन आज तक कोई कार्रवाई न हो सकी है। पुलिस की कड़ाई के चलते जहां ट्रैक्टरों से खनन बंद है वहीं अंतर प्रांतीय स्तर पर खनन कर हो रही बालू, गिट्टी, सीमेंट की तस्करी पर लगाम नहीं लग सकी है।
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