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बर्दाश्त नहीं करेंगे कोल उद्योग का निजीकरण
Sonbhadra
Updated Sat, 22 Nov 2014 05:30 AM IST
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अनपरा। कोल ब्लाकों के निजी क्षेत्र में आवंटन के विरोध में 24 नवंबर से प्रस्तावित हड़ताल को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को बीना आवासीय परिसर स्थित शापिंग सेंटर में श्रमिक संघों की ओर से संयुक्त सभा कर आवाज उठाई गई। इस दौरान 12 सूत्री मांगों पर आवाज बुलंद करते हुए आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने का ऐलान किया गया।
अध्यक्षता करते हुए कोयला श्रमिक सभा के महासचिव राकेश कुमार और कोलियरी मजदूर सभा के महासचिव अशोक दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र में कोयला खनन और खुले बाजार में विक्रय की छूट दे दी है, इसे समाप्त किया जाना चाहिए। कहा कि किसी भी कोल ब्लाक की नीलामी में कोल इंडिया अथवा उसकी अनुषंगी कंपनियों को प्राथमिकता दी जाए।
केंद्रीय श्रमिक संघों के साथ चर्चा किए बिना कोल इंडिया की प्रस्तावित पुनर्संरचना(रिस्ट्रक्चरिंग) को रोका जाए। कोयला विक्रय में ई-आक्सन प्रक्रिया को पुन: बहाल किया जाए, ताकि सीआईएल के विकास के लिए अधिक धन उपलब्ध हो। कोयला श्रमिक सभा के क्षेत्रीय महासचिव अशोक पांडेय ने महिला वीआरएस, सेवानिवृत्ति के उपरांत चिकित्सकीय सुविधा, मजदूरों का वेतन संरक्षण, योग्यता के आधार पर आश्रित एवं भू-विस्थापितों को रोजगार के मसले पर आवाज उठाई। वहीं सीटू के आरएन शर्मा ने केंद्र की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। संचालन अजय कुमार ने किया। आम सभा में सीटू के पीएस पांडेय, आरसीएसएस के व्यासमुनि पाठक, एसके शुक्ला, राजेंद्र पाल, जोगेंद्र तिवारी, टीपी पटेल आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्षता करते हुए कोयला श्रमिक सभा के महासचिव राकेश कुमार और कोलियरी मजदूर सभा के महासचिव अशोक दूबे ने कहा कि केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र में कोयला खनन और खुले बाजार में विक्रय की छूट दे दी है, इसे समाप्त किया जाना चाहिए। कहा कि किसी भी कोल ब्लाक की नीलामी में कोल इंडिया अथवा उसकी अनुषंगी कंपनियों को प्राथमिकता दी जाए।
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केंद्रीय श्रमिक संघों के साथ चर्चा किए बिना कोल इंडिया की प्रस्तावित पुनर्संरचना(रिस्ट्रक्चरिंग) को रोका जाए। कोयला विक्रय में ई-आक्सन प्रक्रिया को पुन: बहाल किया जाए, ताकि सीआईएल के विकास के लिए अधिक धन उपलब्ध हो। कोयला श्रमिक सभा के क्षेत्रीय महासचिव अशोक पांडेय ने महिला वीआरएस, सेवानिवृत्ति के उपरांत चिकित्सकीय सुविधा, मजदूरों का वेतन संरक्षण, योग्यता के आधार पर आश्रित एवं भू-विस्थापितों को रोजगार के मसले पर आवाज उठाई। वहीं सीटू के आरएन शर्मा ने केंद्र की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। संचालन अजय कुमार ने किया। आम सभा में सीटू के पीएस पांडेय, आरसीएसएस के व्यासमुनि पाठक, एसके शुक्ला, राजेंद्र पाल, जोगेंद्र तिवारी, टीपी पटेल आदि मौजूद रहे।
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