{"_id":"5aa2cc294f1c1b01768b47cb","slug":"91520618537-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महज आठ माह में तीन जीएसटी रजिस्ट्रेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महज आठ माह में तीन जीएसटी रजिस्ट्रेशन
Updated Fri, 09 Mar 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। कर चोरी का खेल सिर्फ एचईएस कंपनी स्तर पर ही नहीं बल्कि विभागीय तौर पर भी खेला गया। जीएसटी लागू होने के बाद सामान्य व्यक्ति को जहां एक जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेने में पसीने छूट जा रहे हैं। वहीं एचईएसी को महज आठ माह में तीन रजिस्टेशन थमा दिए गए। एसआई की टीम इस बिंदु को लेकर भी जांच में जुटी है। प्रथमदृष्ट्या जिले के वाणिज्य कर अफसर की भूमिका पर सवाल उठाया जा रहा है। विभागीय कर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।
टीम कीर मानें तो एचईएस ने जुलाई 2017 से 20 फरवरी 2018 के लिए तीन जीएसटी रजिस्ट्रेशन हासिल कर लिए। जांच में भी पुष्टि की बात बताई गई। खुद ज्वाइंट कमिश्नर मिर्जापुर ओपी सिंह ने भी इसे स्वीकारा। बताया कि ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ? यह सोनभद्र के संबंधित डिप्टी कमिश्नर ही बता पाएंगे। कहा कि इस मामले में सोनभद्र के असिस्टेंट कमिश्नर को कार्रवाई करनी चाहिए थी। बताया कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि टीम एक जुलाई 2017 के पीछे का रिकार्ड खंगालने की भी कोशिश में जुटी हुई है। टीम के मुताबिक जीएसटी के पहले भी तो एक से अधिक रजिस्ट्रेशन नहीं कराए गए, इसका भी ब्यौरा जुटाया जाएगा। इसको देखते हुए पहले भी करोड़ों के कर चोरी का संदेह जताया जाने लगा है। ओपी सिंह का कहना था कि वह खुद सारे पहलू पर नजर रख रहे हैं। इसमें जो भी संलिप्त मिलेगा। उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सचल दल-नेताओं में नोकझोंक, निकल गया ट्रक
दुद्धी। कनहर परियोजना के कार्यदायी संस्था के यहां से छापेमारी कर लौट रही रही सचल दल की टीम ने रात सवा नौ बजे के करीब काली मंदिर रोड स्थित विष्णु मंदिर के पास एक ट्रक से महुआ उतरते देखा। टीम ने जब रुककर इसकी जांच शुरू की और चालक से कागजात मांगा। तभी कुछ स्थानीय नेता पहुंच गए और टीम से उलझ गए।
विज्ञापन
लगभग 20 मिनट तक नोंकझोंक और गाली-गलौज हुई। इसका फायदा उठाकर चालक वहां से ट्रक लेकर चलता बना और संबंधित व्यक्ति भी गोदाम का शटर गिराकर खिसक लिया। टीम अगुवा ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने तत्काल इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव भी हमराहियों के साथ पहुंच गए लेकिन तब तक वहां से ट्रक के साथ महुआ उतरवा रहे लोग भी संबंधित गोदाम का शटर गिराकर चलते बने। इसके बाद टीम कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी। ओपी सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। उधर, पुलिस का कहना था कि कोई तहरीर नही मिली है। अपने स्तर से घटना की छानबीन की जा रही है।
उनकी कंपनी ने कही से टैक्स की चोरी नहीं की है। न ही कोई गड़बड़ी की गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी हेड आफिस हैदराबाद में दे दी है। सोमवार को कंपनी के अफसर एसआईबी से बातचीत करेंगे। उसके बाद वह लोग अगला कदम उठाएंगे। जब उन लोगों ने किसी तरह की चोरी नहीं की है तो जुर्माना भरने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। - ए राजन, एजीएम, एचईएस कंपनी
विज्ञापन
टीम कीर मानें तो एचईएस ने जुलाई 2017 से 20 फरवरी 2018 के लिए तीन जीएसटी रजिस्ट्रेशन हासिल कर लिए। जांच में भी पुष्टि की बात बताई गई। खुद ज्वाइंट कमिश्नर मिर्जापुर ओपी सिंह ने भी इसे स्वीकारा। बताया कि ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ? यह सोनभद्र के संबंधित डिप्टी कमिश्नर ही बता पाएंगे। कहा कि इस मामले में सोनभद्र के असिस्टेंट कमिश्नर को कार्रवाई करनी चाहिए थी। बताया कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि टीम एक जुलाई 2017 के पीछे का रिकार्ड खंगालने की भी कोशिश में जुटी हुई है। टीम के मुताबिक जीएसटी के पहले भी तो एक से अधिक रजिस्ट्रेशन नहीं कराए गए, इसका भी ब्यौरा जुटाया जाएगा। इसको देखते हुए पहले भी करोड़ों के कर चोरी का संदेह जताया जाने लगा है। ओपी सिंह का कहना था कि वह खुद सारे पहलू पर नजर रख रहे हैं। इसमें जो भी संलिप्त मिलेगा। उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
सचल दल-नेताओं में नोकझोंक, निकल गया ट्रक
दुद्धी। कनहर परियोजना के कार्यदायी संस्था के यहां से छापेमारी कर लौट रही रही सचल दल की टीम ने रात सवा नौ बजे के करीब काली मंदिर रोड स्थित विष्णु मंदिर के पास एक ट्रक से महुआ उतरते देखा। टीम ने जब रुककर इसकी जांच शुरू की और चालक से कागजात मांगा। तभी कुछ स्थानीय नेता पहुंच गए और टीम से उलझ गए।
विज्ञापन
लगभग 20 मिनट तक नोंकझोंक और गाली-गलौज हुई। इसका फायदा उठाकर चालक वहां से ट्रक लेकर चलता बना और संबंधित व्यक्ति भी गोदाम का शटर गिराकर खिसक लिया। टीम अगुवा ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने तत्काल इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव भी हमराहियों के साथ पहुंच गए लेकिन तब तक वहां से ट्रक के साथ महुआ उतरवा रहे लोग भी संबंधित गोदाम का शटर गिराकर चलते बने। इसके बाद टीम कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी। ओपी सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। उधर, पुलिस का कहना था कि कोई तहरीर नही मिली है। अपने स्तर से घटना की छानबीन की जा रही है।
उनकी कंपनी ने कही से टैक्स की चोरी नहीं की है। न ही कोई गड़बड़ी की गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी हेड आफिस हैदराबाद में दे दी है। सोमवार को कंपनी के अफसर एसआईबी से बातचीत करेंगे। उसके बाद वह लोग अगला कदम उठाएंगे। जब उन लोगों ने किसी तरह की चोरी नहीं की है तो जुर्माना भरने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। - ए राजन, एजीएम, एचईएस कंपनी