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Sonebhadra News: आरटीई के चयनित 60 फीसदी बच्चों को स्कूलों ने नहीं दिया दाखिला

Sun, 11 May 2025 12:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 May 2025 12:19 AM IST
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60% of the children selected under RTE were not given admission by schools
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। योजना में चयनित 60 फीसदी से ज्यादा बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाया है। इससे अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है।
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आरटीई के तहत जिले के 459 निजी स्कूलों में कक्षा प्री और प्रथम के लिए 4113 सीटें आरक्षित हैं। दिसंबर से मार्च तक चार चरणों में हुई लॉटरी प्रक्रिया में कुल 1503 बच्चों का चयन हुआ। चयन के दौरान ही 63 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गईं।
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अब जो 37 प्रतिशत सीटें बची हैं, उनमें भी दाखिला नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे निजी स्कूलों की मनमानी और प्रशासन का सुस्त रवैया है। कुल चयनित में से करीब 585 बच्चों को ही दाखिला मिल पाया है, जो कुल आरक्षित सीटों का 40 फीसदी से भी कम है।
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ऐमें चयनित बच्चों में से करीब 60 फीसदी सीटें रिक्त हो गई। यह स्थिति तब है जब 63 फीसदी सीटें चयन के दौरान ही रिक्त हो गई थीं। बीएसए कार्यालय से चयनित बच्चों को दाखिले के लिए पत्र दिए जा चुके हैं।
जब अभिभावक निजी स्कूलों में पहुंचते हैं तो कुछ स्कूल दाखिले से साफ इन्कार कर रहे हैं, तो कुछ चक्कर लगवाकर टालमटोल कर रहे हैं। अभिभावक लगातार स्कूलों व अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन निजी स्कूलों के रवैये से वे हताश हैं।


निजी स्कूलों को चयनित शत प्रतिशत बच्चों के दाखिले के निर्देश दिए गये हैं। अगर कोई स्कूल इसका उल्लंघन करता है तो मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए, सोनभद्र
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