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2000 मेगावाट उत्पादन घटने से बिगड़े हालात
Updated Tue, 10 Apr 2018 11:24 PM IST
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उत्पादन निगम की अनपरा, ओबरा, पारीक्षा और हरदुआगंज परियोजनाओं से मंगलवार को 2000 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन कम होने से हालात बेकाबू हो गये। अकेले अनपरा परियोजना से 969 मेगावाट उत्पादन घटाना पड़ा। बिजली की मांग अधिक होने के कारण कई स्थानों पर आपात कटौती करनी पड़ रही है।
मंगलवार को सुबह अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की पहली इकाई से 120 मेगावाट, दूसरी इकाई से 126 मेगावाट, तीसरी इकाई से 122 मेगावाट, 500 मेगावाट की चौथी इकाई से 345 मेगावाट, पांचवीं इकाई से 294 मेगावाट, छठवीं इकाई से 381 मेगावाट और सातवीं इकाई से 348 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इस दौरान 969 मेगावाट की थर्मल बैकिंग जारी थी। शाम 5 बजे पहली से 200 मेगावाट, दूसरी से 205, तीसरी से 200 तथा चौथी व पांचवीं से क्रमश: 500 व 435 मेगावाट छठवी व सातवीं से 505 व 500 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। परियोजना के 2630 मेगावाट के सापेक्ष विद्युत उत्पादन 2545 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी था। परियोजना अधिकारियों की मानें तो मौसम में आये परिवर्तन से कई स्थानों पर बिजली बाधित हुई जिससे वितरण व्यवस्था लड़खड़ गई है। अनपरा परियोजना से सारनाथ, बनारस, ओबरा, बीना और उन्नाव बिजली जाती है। मेन पारेषण लाइनों में कोई दिक्कत नहीं है।
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मंगलवार को सुबह अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की पहली इकाई से 120 मेगावाट, दूसरी इकाई से 126 मेगावाट, तीसरी इकाई से 122 मेगावाट, 500 मेगावाट की चौथी इकाई से 345 मेगावाट, पांचवीं इकाई से 294 मेगावाट, छठवीं इकाई से 381 मेगावाट और सातवीं इकाई से 348 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इस दौरान 969 मेगावाट की थर्मल बैकिंग जारी थी। शाम 5 बजे पहली से 200 मेगावाट, दूसरी से 205, तीसरी से 200 तथा चौथी व पांचवीं से क्रमश: 500 व 435 मेगावाट छठवी व सातवीं से 505 व 500 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। परियोजना के 2630 मेगावाट के सापेक्ष विद्युत उत्पादन 2545 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी था। परियोजना अधिकारियों की मानें तो मौसम में आये परिवर्तन से कई स्थानों पर बिजली बाधित हुई जिससे वितरण व्यवस्था लड़खड़ गई है। अनपरा परियोजना से सारनाथ, बनारस, ओबरा, बीना और उन्नाव बिजली जाती है। मेन पारेषण लाइनों में कोई दिक्कत नहीं है।
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