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कोर कमेटी के जाते दौडने लगे कोयला लदे ट्रेलर
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:29 PM IST
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राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) टीम के जाते ही दो दिन से सूनी पड़ी सड़कों पर मंगलवार की रात से कोयला लदे ट्रेलर दौड़ने लगे । इतना ही नहीं सड़कों एवं पटरियों पर सफाई के लिए दो दिन चले वाहन और टैंकर भी नदारद रहे ।
यूपी - एमपी में एनसीएल की कोल खदानें हैं। यूपी में ककरी, बीना, कृष्णशीला व खड़िया एवं एमपी में जयंत, दुद्धीचुआ, निगाही, अमलोरी व गोरबी में कोयले की खदान है। इन खदानों से प्रतिदिन 250 से अधिक ट्रेलर व हाईवा से कोयले का परिवहन किया जाता है। वाहनों की रफ्तार तेज होने के कारण कोयले का धूल पूरे रास्ते में उड़ता रहता है। जिससे प्रदूषण की समस्या भयावह रूप ले चुकी है। प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एनजीटी ने ट्रकों से कोयले की ढुलाई पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन एनजीटी के इस आदेश का एनसीएल को जरा भी फिक्र नहीं है। गौरतलब है कि एनजीटी की 14 सदस्यीय कोर कमेटी सोमवार को सिंगरौली व सोनभद्र में प्रदूषण का हाल जानने पहुंची तो एनसीएल ने ट्रेलर व हाईवा को कोयला न देकर संचालन को रोक दिया, ताकि कोर कमेटी हकीकत न जान सके। लेकिन मंगलवार की शाम जैसे ही एनजीटी की कोर कमेटी ऊर्जांचल के सरहद से बाहर पहुंची, पुन: ट्रेलर व हाईवा से कोयले की ढुलाई शुरू कर दी गई।
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यूपी - एमपी में एनसीएल की कोल खदानें हैं। यूपी में ककरी, बीना, कृष्णशीला व खड़िया एवं एमपी में जयंत, दुद्धीचुआ, निगाही, अमलोरी व गोरबी में कोयले की खदान है। इन खदानों से प्रतिदिन 250 से अधिक ट्रेलर व हाईवा से कोयले का परिवहन किया जाता है। वाहनों की रफ्तार तेज होने के कारण कोयले का धूल पूरे रास्ते में उड़ता रहता है। जिससे प्रदूषण की समस्या भयावह रूप ले चुकी है। प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एनजीटी ने ट्रकों से कोयले की ढुलाई पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन एनजीटी के इस आदेश का एनसीएल को जरा भी फिक्र नहीं है। गौरतलब है कि एनजीटी की 14 सदस्यीय कोर कमेटी सोमवार को सिंगरौली व सोनभद्र में प्रदूषण का हाल जानने पहुंची तो एनसीएल ने ट्रेलर व हाईवा को कोयला न देकर संचालन को रोक दिया, ताकि कोर कमेटी हकीकत न जान सके। लेकिन मंगलवार की शाम जैसे ही एनजीटी की कोर कमेटी ऊर्जांचल के सरहद से बाहर पहुंची, पुन: ट्रेलर व हाईवा से कोयले की ढुलाई शुरू कर दी गई।
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