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4100 मेगावाट के पार पहुंचा बिजली उत्पादन
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:37 AM IST
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अनपरा डी की पांच-पांच सौ मेगावाट वाली दोनों इकाइयों के उत्पादन पर आने के बाद पहली बार राज्य सेक्टर की परियोजनाओं का कुल उत्पादन बढ़कर 41 सौ मेगावाट के पार पहुंच गया है। हालांकि अभी दोनों इकाइयों से लगातार पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। ऐसा होने के बाद उत्पादन बढ़कर पांच हजार मेगावाट के करीब पहुंचने की उम्मीद है।
उधर, 1140 मेगावाट की पारीक्षा परियोजना से क्षमता से अधिक उत्पादन होता रहा। इसके चलते रविवार को ऊर्जा जगत ने बड़ी राहत महसूस की। अभी तक राज्य सेक्टर की परियोजनाओं का अधिकतम उत्पादन 36 सौ मेगावाट के इर्द-गिर्द रहा है। शनिवार को जब अनपरा डी की दोनों इकाइयों से एक साथ उत्पादन का संयोग बना तो राज्य सेक्टर का उत्पादन बढ़कर 41 सौ मेगावाट के पार पहुंच गया।
इसमें अनपरा डी की बिजली ने महत्वपूर्ण भूमिका तो निभाई ही। लंबे समय बाद 1140 मेगावाट वाली पारीक्षा परियोजना का क्षमता से अधिक उत्पादन भी अहम रहा। यह स्थिति तब है जब अभी अनपरा की 210 मेगावाट वाली पहली इकाई अनुरक्षण पर है। इस इकाई को 20 अप्रैल तक उत्पादन पर आने की उम्मीद है।
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वहीं पनकी और ओबरा में क्षमता से काफी कम उत्पादन बना हुआ है। समाचार दिए जाने तक अनपरा परियोजना से 1375, अनपरा डी में 460, ओबरा में 463, पनकी में 70, पारीक्षा में 1153, हरदुआगंज में 591, कुल 4112 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी। उधर अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी और जीएम इं. एके सिंह ने बताया कि फिलहाल अनपरा डी की पहली इकाई से 280 और दूसरी इकाई से 180 मेगावाट उत्पादन लिया जा रहा है।
सीजीएम ने बताया कि रात में पहली इकाई का उत्पादन साढ़े तीन से चार सौ और दूसरी इकाई का ढाई सौ मेगावाट पहुंचने की उम्मीद है।
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उधर, 1140 मेगावाट की पारीक्षा परियोजना से क्षमता से अधिक उत्पादन होता रहा। इसके चलते रविवार को ऊर्जा जगत ने बड़ी राहत महसूस की। अभी तक राज्य सेक्टर की परियोजनाओं का अधिकतम उत्पादन 36 सौ मेगावाट के इर्द-गिर्द रहा है। शनिवार को जब अनपरा डी की दोनों इकाइयों से एक साथ उत्पादन का संयोग बना तो राज्य सेक्टर का उत्पादन बढ़कर 41 सौ मेगावाट के पार पहुंच गया।
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इसमें अनपरा डी की बिजली ने महत्वपूर्ण भूमिका तो निभाई ही। लंबे समय बाद 1140 मेगावाट वाली पारीक्षा परियोजना का क्षमता से अधिक उत्पादन भी अहम रहा। यह स्थिति तब है जब अभी अनपरा की 210 मेगावाट वाली पहली इकाई अनुरक्षण पर है। इस इकाई को 20 अप्रैल तक उत्पादन पर आने की उम्मीद है।
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वहीं पनकी और ओबरा में क्षमता से काफी कम उत्पादन बना हुआ है। समाचार दिए जाने तक अनपरा परियोजना से 1375, अनपरा डी में 460, ओबरा में 463, पनकी में 70, पारीक्षा में 1153, हरदुआगंज में 591, कुल 4112 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी। उधर अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी और जीएम इं. एके सिंह ने बताया कि फिलहाल अनपरा डी की पहली इकाई से 280 और दूसरी इकाई से 180 मेगावाट उत्पादन लिया जा रहा है।
सीजीएम ने बताया कि रात में पहली इकाई का उत्पादन साढ़े तीन से चार सौ और दूसरी इकाई का ढाई सौ मेगावाट पहुंचने की उम्मीद है।