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26 दिनों में महज 328 कुंतल गेहूं की खरीद
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:46 AM IST
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जिले के 40 क्रय केेंद्रों पर अब तक महज 328 कुंतल ही गेहूं की खरीद हुई है। यह आंकड़ा खरीद की शुरुआत एक से 26 अप्रैल तक का है। कम उत्पादन और अधिक बाजार मूल्य इसकी वजह माना जा रहा है। शासन ने 15 जून तक 40 हजार एमटी गेहूं का लक्ष्य निर्धारित है लेकिन जिस गति से खरीद की प्रक्रिया चल रही है, उससे लक्ष्य पूरा न होने की आशंका है। वहीं केंद्रों पर अभी भी अव्यवस्था का बोलबाला है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए पीसीएफ के 30, विपणन विभाग के सात, एफसीआई का एक और कर्मचारी कल्याण निगम के दो क्रय केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों पर 15 जून तक कुल 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन अब तक जिस गति से खरीद हो रही है, उससे नहीं प्रतीत हो रहा है कि लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
विपणन अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक इस बार अब तक महज 328 कुंतल गेहूं की खरीद ही हो सकी है।
उनका कहना है कि कम उत्पादन और समर्थन मूल्य से अधिक बाजार मूल्य होने के नाते किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच रहा है। बताया कि दूसरी बड़ी वजह भीषण गर्मी और तेज धूप भी है। किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर छांव और पानी की व्यवस्था की गई है लेकिन उनकी आमद काफी कम हो रही है। उम्मीद जताई कि जून तक शासन से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खरीद हो जाएगी।
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जिले में गेहूं खरीद के लिए पीसीएफ के 30, विपणन विभाग के सात, एफसीआई का एक और कर्मचारी कल्याण निगम के दो क्रय केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों पर 15 जून तक कुल 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन अब तक जिस गति से खरीद हो रही है, उससे नहीं प्रतीत हो रहा है कि लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
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विपणन अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक इस बार अब तक महज 328 कुंतल गेहूं की खरीद ही हो सकी है।
उनका कहना है कि कम उत्पादन और समर्थन मूल्य से अधिक बाजार मूल्य होने के नाते किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच रहा है। बताया कि दूसरी बड़ी वजह भीषण गर्मी और तेज धूप भी है। किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर छांव और पानी की व्यवस्था की गई है लेकिन उनकी आमद काफी कम हो रही है। उम्मीद जताई कि जून तक शासन से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खरीद हो जाएगी।
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