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मानव जीवन को खत्म करने की साजिश है प्रदूषण
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:56 PM IST
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खतरा केंद्र नई दिल्ली के निदेशक दुन्नू राय ने कहा कि मानव जीवन को समाप्त करने के लिए पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। समय रहते इस दिशा में पहल न की गई तो इसके परिणाम खतरनाक होंगे। वह बनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा सभाकक्ष में खनन एवं खनिज आधारित उद्योगों से वायु प्रदूषण और प्रभाव नामक कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पेड़ तैयार होने और उसके गिरकर मिट्टी में दबने और कोयला बनने में करीब दस लाख साल लग जाते हैं। इस दस लाख साल की जमा पूंजी कोयले को हम आधे घंटे में जलाकर खत्म कर दे रहे हैं। सरकार ने 2040 तक कोयला फैक्ट्रियां बंद होने के संकेत दिए हैं। कहा कि आने वाले दिन में सोलर और एयर पावर से बिजली मिलने लगेगी जो सस्ती भी होगी। कहा कि पता चला है कि सोनभद्र के उद्योगों के चिमनियों की ऊंचाई बढ़ा दी गई। इससे निकलने वाला धुआं दूर के गांवों में जाकर प्रदूषण फैला रहा है। पारे की खतरनाक होने की नाते बीमारियां कई गांव में मिलने लगी है।
आश्रम संचालिका शुभा बहन ने कहा कि 14 स्थानों पर ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम से प्रदूषण की जांच हो रही है। लोक विज्ञान संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक अनिल गौतम ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आश्रम के जरिए किए गए कार्यों को प्रोजेक्टर से प्रस्तुत किया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर, संचालन शिवनारायण ने किया। इस दौरान ब्रह्मजीत, रामवृक्ष, देवनाथ सिंह, विमल सिंह, रामजस निराला, उमेश चौबे, केवला दुबे, दिनेश जायसवाल, डॉ. विभा, राधे कृष्ण, कमलाराम, रामेश्वर मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि पेड़ तैयार होने और उसके गिरकर मिट्टी में दबने और कोयला बनने में करीब दस लाख साल लग जाते हैं। इस दस लाख साल की जमा पूंजी कोयले को हम आधे घंटे में जलाकर खत्म कर दे रहे हैं। सरकार ने 2040 तक कोयला फैक्ट्रियां बंद होने के संकेत दिए हैं। कहा कि आने वाले दिन में सोलर और एयर पावर से बिजली मिलने लगेगी जो सस्ती भी होगी। कहा कि पता चला है कि सोनभद्र के उद्योगों के चिमनियों की ऊंचाई बढ़ा दी गई। इससे निकलने वाला धुआं दूर के गांवों में जाकर प्रदूषण फैला रहा है। पारे की खतरनाक होने की नाते बीमारियां कई गांव में मिलने लगी है।
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आश्रम संचालिका शुभा बहन ने कहा कि 14 स्थानों पर ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम से प्रदूषण की जांच हो रही है। लोक विज्ञान संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक अनिल गौतम ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आश्रम के जरिए किए गए कार्यों को प्रोजेक्टर से प्रस्तुत किया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर, संचालन शिवनारायण ने किया। इस दौरान ब्रह्मजीत, रामवृक्ष, देवनाथ सिंह, विमल सिंह, रामजस निराला, उमेश चौबे, केवला दुबे, दिनेश जायसवाल, डॉ. विभा, राधे कृष्ण, कमलाराम, रामेश्वर मौजूद रहे।
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