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माकपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना, सौंपा मांगपत्र
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:23 PM IST
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सोनभद्र। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इसमें दुद्धी तहसील के किसानों को उनकी जमीन से बेदखल करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी को संबोधित सात सूत्री मांगपत्र एसडीएम कलेक्ट्रेट (ओसी) को सौंपा।
कलेक्ट्रेट पर धरना के दौरान हुई सभा में माकपा के जिला मंत्री छविनाथ सिंह ने कहा कि दुद्धी तहसील अंतर्गत म्योरपुर ब्लॉक के परासी, अनपरा, गरबंधा, बिछरी, औड़ी के मूल निवासी अनुसूचित जाति, जनजाति एवं किसान, काश्तकारों को उनकी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। इसमें तहसील प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। भूमाफियाओं, कारखाना प्रबंधकों, ठेकेदारों से मिलीभगत कर यह साजिश रची जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के कतिपय कारखानों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने मांग उठाई कि एक पावर कंपनी द्वारा परासी, गरबंधा, बिछरी, अनपरा के ग्रामीणों से किये गए समझौतों के पालन में की गई धांधली की जांच कराई जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। कारखानों के विस्थापितों के साथ न्याय किया जाए और किये गए समझौतों का पालन किया जाए। क्षेत्रीय बेरोजगार नौजवानों को नौकरी एवं रोजगार दिया जाए। उन्होंने जिले में स्थित सभी डाकखानों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा प्राप्त चिट्ठी पत्रिकाओं को समय से न पहुंचाने के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। इसके साथ कई अन्य मांगें भी उठाई गईं। धरना में अवधराज सिंह, प्रेमनाथ, नंदलाल आर्य, नर्वदेश्वर पांडेय, शिवकुमार उपाध्याय, कंचन सिंह, नीलम, शर्मिला श्रीवास्तव, दुबराजी, सावित्री देवी, जगनरायन, राजेश कुमार मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट पर धरना के दौरान हुई सभा में माकपा के जिला मंत्री छविनाथ सिंह ने कहा कि दुद्धी तहसील अंतर्गत म्योरपुर ब्लॉक के परासी, अनपरा, गरबंधा, बिछरी, औड़ी के मूल निवासी अनुसूचित जाति, जनजाति एवं किसान, काश्तकारों को उनकी जमीनों से बेदखल किया जा रहा है। इसमें तहसील प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। भूमाफियाओं, कारखाना प्रबंधकों, ठेकेदारों से मिलीभगत कर यह साजिश रची जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के कतिपय कारखानों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने मांग उठाई कि एक पावर कंपनी द्वारा परासी, गरबंधा, बिछरी, अनपरा के ग्रामीणों से किये गए समझौतों के पालन में की गई धांधली की जांच कराई जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। कारखानों के विस्थापितों के साथ न्याय किया जाए और किये गए समझौतों का पालन किया जाए। क्षेत्रीय बेरोजगार नौजवानों को नौकरी एवं रोजगार दिया जाए। उन्होंने जिले में स्थित सभी डाकखानों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा प्राप्त चिट्ठी पत्रिकाओं को समय से न पहुंचाने के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। इसके साथ कई अन्य मांगें भी उठाई गईं। धरना में अवधराज सिंह, प्रेमनाथ, नंदलाल आर्य, नर्वदेश्वर पांडेय, शिवकुमार उपाध्याय, कंचन सिंह, नीलम, शर्मिला श्रीवास्तव, दुबराजी, सावित्री देवी, जगनरायन, राजेश कुमार मौजूद रहे।
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