{"_id":"59f765fd4f1c1bce538ba070","slug":"201509385725-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंडिकेट बनाकर व्यवसाईयों ने बढ़ाया परमिट का दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंडिकेट बनाकर व्यवसाईयों ने बढ़ाया परमिट का दाम
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। सस्ता गिट्टी मिलने की मंशा एक बार फिर धराशायी हो गई। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गिट्टी बालू सस्ता उपलब्ध कराने के लिए मुख्य सचिव तक बैठक कर दिशानिर्देश जारी कर चुके हैं मगर सोनभद्र में इसका असर नहीं दिख रहा है। चंद खनन व्यवसायियों ने सिंडिकेट बनाकर परमिट का दाम फिर से बढ़ा दिया है। तीन दिन में दस चक्का परमिट नौ हजार और 12 चक्का ट्रक का परमिट 12 हजार रुपये में बिक रहा है। ऐसे में गरीबों का आशियाना बनाने का सपना चकनाचूर होते नजर आ रहा है।
चुनाव के दौरान भाजपा का नारा था कि गिट्टी बालू सस्ता होगा हर गरीब का मकान पक्का होगा। लेकिन सरकार बनी तो गिट्टी बालू का दाम पहले से अधिक बढ़ गया। अमर उजाला में खुलासे के बाद शासन ने इसे संज्ञान लिया और तत्काल परमिट का दाम घटाने के निर्देश दिए। दस अक्तूबर को मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को हर हाल में गिट्टी बालू सस्ता उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए मगर सोनभद्र में इसका पालन नहीं हो रहा है। सोमवार को परमिट नौ हजार से लेकर 12 हजार में बिकता रहा। बताते चलें कि डीएम पीके उपाध्याय भी क्रशर व्यवसायियों को निर्धारित मूल्य से अधिक गिट्टी बेचने पर कार्रवाई करने की बात कही थी। वहीं जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने कहा कि दाम बढ़ाने की जानकारी उन्हें नहीं है। वह मामले में सूचना लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
चुनाव के दौरान भाजपा का नारा था कि गिट्टी बालू सस्ता होगा हर गरीब का मकान पक्का होगा। लेकिन सरकार बनी तो गिट्टी बालू का दाम पहले से अधिक बढ़ गया। अमर उजाला में खुलासे के बाद शासन ने इसे संज्ञान लिया और तत्काल परमिट का दाम घटाने के निर्देश दिए। दस अक्तूबर को मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को हर हाल में गिट्टी बालू सस्ता उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए मगर सोनभद्र में इसका पालन नहीं हो रहा है। सोमवार को परमिट नौ हजार से लेकर 12 हजार में बिकता रहा। बताते चलें कि डीएम पीके उपाध्याय भी क्रशर व्यवसायियों को निर्धारित मूल्य से अधिक गिट्टी बेचने पर कार्रवाई करने की बात कही थी। वहीं जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने कहा कि दाम बढ़ाने की जानकारी उन्हें नहीं है। वह मामले में सूचना लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन