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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्पीड़न के खिलाफ किया प्रदर्शन
Updated Mon, 12 Jun 2017 10:31 PM IST
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सोनभद्र। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विकास भवन पर प्रदर्शन किया और शोषण बंद करने की मांग उठाई। समय से मानदेय न मिलने पर नाराजगी जताई। चेताया कि यदि एक सप्ताह के अंदर समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो कार्यकर्ता धरना देने के लिए बाध्य होंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोमवार को प्रदेश महामंत्री साधना विश्वकर्मा और जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह की अगुवाई में विकास भवन पर पहुंचीं। वहां कार्यकर्ताओं ने कई समस्याएं उठाईं और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद करने की मांग की। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय दिया जाता है। वह भी समय से नहीं दिया जाता है, जिससे उन्हें और उनके परिवार के लोगों को जीवनयापन में परेशानी झेलनी पड़ती है। मुख्य सेविकाओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्पीड़न कर उनका मनोबल प्रभावित किया जा रहा है। इससे कामकाज काफी हद तक प्रभावित होता है। उन्होंने बाल विकास परियोजना में कार्यरत एक मुख्य सेविका पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से धन दोहन और उनका मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कहा कि पूर्व में उनका क्षेत्र परिवर्तित किया गया लेकिन बाद में फिर उन्हें उसी स्थान पर तैनात कर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी पर उन्हें शह देने का आरोप भी लगाया। मुख्य सेविका का गैर जनपद तबादला कराने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने चेताया कि यदि एक सप्ताह में समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो वे एक दिवसीय धरना देंगी। प्रदर्शन के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। इस मौके पर उर्मिला सिंह, मंजूलता, श्यामला, किरन, कमला, सरोज, माया, लीलावती, सावित्री, माया समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोमवार को प्रदेश महामंत्री साधना विश्वकर्मा और जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह की अगुवाई में विकास भवन पर पहुंचीं। वहां कार्यकर्ताओं ने कई समस्याएं उठाईं और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बंद करने की मांग की। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय दिया जाता है। वह भी समय से नहीं दिया जाता है, जिससे उन्हें और उनके परिवार के लोगों को जीवनयापन में परेशानी झेलनी पड़ती है। मुख्य सेविकाओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्पीड़न कर उनका मनोबल प्रभावित किया जा रहा है। इससे कामकाज काफी हद तक प्रभावित होता है। उन्होंने बाल विकास परियोजना में कार्यरत एक मुख्य सेविका पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से धन दोहन और उनका मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। कहा कि पूर्व में उनका क्षेत्र परिवर्तित किया गया लेकिन बाद में फिर उन्हें उसी स्थान पर तैनात कर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी पर उन्हें शह देने का आरोप भी लगाया। मुख्य सेविका का गैर जनपद तबादला कराने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने चेताया कि यदि एक सप्ताह में समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो वे एक दिवसीय धरना देंगी। प्रदर्शन के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। इस मौके पर उर्मिला सिंह, मंजूलता, श्यामला, किरन, कमला, सरोज, माया, लीलावती, सावित्री, माया समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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