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हड़ताली कर्मियों से वार्ता का नहीं निकला नतीजा
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डाला। अल्ट्राटेक सीमेंट की डाला यूनिट से जुड़े रासलीला इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के हड़ताली कर्मचारियों और कंपनी के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। कर्मी जहां एक माह के अग्रिम भुगतान की मांग पर अड़े रहे। वहीं कंपनी के लोगों ने अग्रिम भुगतान करने से इंकार कर दिया।
चार दिन से रासलीला इंटरप्राइजेज के कर्मचारी कामकाज ठप हड़ताल पर बने हुए हैं। कर्मियों का कहना है कि एक ही संस्थान में वर्षों से कार्यरत कर्मियों को अचानक से गत 20 फरवरी को सेवा समाप्ति की सूचना दी गई। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। एक माह के अग्रिम वेतन की मांग करते हुए कर्मचारियों के वेतन से काटे गए ईपीएफ मद के रुपयों को खाते में जमा नहीं कराया गया है। इसी तरह बोनस के लिए कई बार आश्वासन दिया गया लेकिन भुगतान नहीं किया गया। शनिवार को डाला स्थित हिल फोर आरईपीएल वर्कशाप पर हड़ताली कर्मचारियों की मांगो का संज्ञान लेने पहुंचे कंपनी के अधिकारी अजय नायर की हड़ताली कर्मियों से घंटों वार्ता हुई। नायर ने कहा कि 28 फरवरी को डाला से कंपनी का काम पूरी तरह बंद हो जाएगा लेकिन कंपनी में कार्यरत किसी भी कर्मचारी की रोजी-रोटी बंद नहीं होगी। सभी कर्मचारी वहां चले जहां कंपनी को काम मिला है। चाहें तो इसकी लिखित गारंटी ले लें। ईपीएफ फंड पर कहा कि वेतन से इस मद में कटी पूरी रकम संबंधित के खाते में हर महीने जमा की गई है, जिसे वह चेक करवा सकते हैं। कर्मी अन्यत्र काम करने की बात से इंकार कर दिए और एक माह के अग्रिम भुगतान की मांग पर अड़े हुए, जिसे नियम विपरीत बताते हुए इंकार कर दिया गया।
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चार दिन से रासलीला इंटरप्राइजेज के कर्मचारी कामकाज ठप हड़ताल पर बने हुए हैं। कर्मियों का कहना है कि एक ही संस्थान में वर्षों से कार्यरत कर्मियों को अचानक से गत 20 फरवरी को सेवा समाप्ति की सूचना दी गई। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। एक माह के अग्रिम वेतन की मांग करते हुए कर्मचारियों के वेतन से काटे गए ईपीएफ मद के रुपयों को खाते में जमा नहीं कराया गया है। इसी तरह बोनस के लिए कई बार आश्वासन दिया गया लेकिन भुगतान नहीं किया गया। शनिवार को डाला स्थित हिल फोर आरईपीएल वर्कशाप पर हड़ताली कर्मचारियों की मांगो का संज्ञान लेने पहुंचे कंपनी के अधिकारी अजय नायर की हड़ताली कर्मियों से घंटों वार्ता हुई। नायर ने कहा कि 28 फरवरी को डाला से कंपनी का काम पूरी तरह बंद हो जाएगा लेकिन कंपनी में कार्यरत किसी भी कर्मचारी की रोजी-रोटी बंद नहीं होगी। सभी कर्मचारी वहां चले जहां कंपनी को काम मिला है। चाहें तो इसकी लिखित गारंटी ले लें। ईपीएफ फंड पर कहा कि वेतन से इस मद में कटी पूरी रकम संबंधित के खाते में हर महीने जमा की गई है, जिसे वह चेक करवा सकते हैं। कर्मी अन्यत्र काम करने की बात से इंकार कर दिए और एक माह के अग्रिम भुगतान की मांग पर अड़े हुए, जिसे नियम विपरीत बताते हुए इंकार कर दिया गया।
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