{"_id":"6474cf9b26e20c78ac01be06","slug":"140-crore-loss-to-the-government-case-registered-sonbhadra-news-c-20-1-229347-2023-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: सरकार को लगाई 1.40 करोड़ की चपत, केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: सरकार को लगाई 1.40 करोड़ की चपत, केस दर्ज
विज्ञापन
चोपन। फर्जी रिलीजिंग आर्डर के बाद अब फर्जी प्रपत्रों के आधार पर गिट्टी के अवैध भंडारण का मामला सामने आया है। बिना लाइसेंस के ही गिट्टी को न सिर्फ अवैध रूप से भंडारित किया गया, बल्कि ई-प्रपत्र सी (परमिट) जारी कर उसकी बिक्री होती रही। जालसाजी के इस खेल से करीब 1.40 करोड़ से अधिक राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है। मामला उजागर होने पर खनन विभाग में खलबली मच गई है। ज्येष्ठ खनन अधिकारी ने पांच लोगों के विरुद्ध चोपन थाने में धोखाधड़ी, गबन सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
शासन की ओर से सभी क्रशर मालिकों को गिट्टी के भंडारण का लाइसेंस लेने का निर्देश है। लाइसेंस के आधार पर ही वह गिट्टी भंडारित कर उसके अनुसार ई-प्रपत्र जारी कर बिक्री कर सकते हैं। इससे इतर बिल्ली मारकुंडी स्थित कुछ क्रशर प्लांटों से अवैध तरीके से भंडारण कर ई-प्रपत्र जारी कर बिक्री किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद इसकी जांच कराई गई तो अफसरों के होश उड़ गए। ज्येष्ठ खान अधिकारी आशीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि एस कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स बिल्ली मारकुंडी का भंडरण लाइसेंस 20 अप्रैल तक ही वैध था। लाइसेंस समाप्त होने के बाद भी इस फर्म की ओर से गलत तरीके से लाइसेंस आईडी को सक्रिय करते हुए ई-प्रपत्र सी जारी किया जाता रहा। इस प्रकार से राज्य सरकार को रायल्टी व खनिज मूल्य सहित 1.40 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाई गई है। छानबीन के दौरान इस मामले में मां दुर्गा माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन मीतापुर की भी मिलीभगत सामने आई। ज्येष्ठ खान अधिकारी की तहरीर पर चोपन थाने में एस कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के सत्यप्रकाश केशरी, मां दुर्गा माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन मीतापुर के गणेश कुमार अग्रवाल निवासी ओबरा, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्याम कुमार प्रजापति निवासी चंदौली, चोपन निवासी आशुतोष मिश्र, अहरौरा निवासी रविकांत पांडेय व अन्य अज्ञात के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन, सार्वजनिक संपत्ति के क्षति सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
शासन की ओर से सभी क्रशर मालिकों को गिट्टी के भंडारण का लाइसेंस लेने का निर्देश है। लाइसेंस के आधार पर ही वह गिट्टी भंडारित कर उसके अनुसार ई-प्रपत्र जारी कर बिक्री कर सकते हैं। इससे इतर बिल्ली मारकुंडी स्थित कुछ क्रशर प्लांटों से अवैध तरीके से भंडारण कर ई-प्रपत्र जारी कर बिक्री किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद इसकी जांच कराई गई तो अफसरों के होश उड़ गए। ज्येष्ठ खान अधिकारी आशीष कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि एस कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स बिल्ली मारकुंडी का भंडरण लाइसेंस 20 अप्रैल तक ही वैध था। लाइसेंस समाप्त होने के बाद भी इस फर्म की ओर से गलत तरीके से लाइसेंस आईडी को सक्रिय करते हुए ई-प्रपत्र सी जारी किया जाता रहा। इस प्रकार से राज्य सरकार को रायल्टी व खनिज मूल्य सहित 1.40 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाई गई है। छानबीन के दौरान इस मामले में मां दुर्गा माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन मीतापुर की भी मिलीभगत सामने आई। ज्येष्ठ खान अधिकारी की तहरीर पर चोपन थाने में एस कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के सत्यप्रकाश केशरी, मां दुर्गा माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन मीतापुर के गणेश कुमार अग्रवाल निवासी ओबरा, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्याम कुमार प्रजापति निवासी चंदौली, चोपन निवासी आशुतोष मिश्र, अहरौरा निवासी रविकांत पांडेय व अन्य अज्ञात के विरुद्ध धोखाधड़ी, गबन, सार्वजनिक संपत्ति के क्षति सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन