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घोरावल क्षेत्र में 23 49 करोड़ के कार्यां की स्वीकृति
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घोरावल। क्षेत्र पंचायत घोरावल की बैठक बृहस्पतिवार को खरुआंव स्थित ब्लाक सभागार में हुई। सदन में आम सहमति से 23 करोड़ 49 लाख 31 हजार रुपये से विकास कार्याें के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बैठक में पेयजल संकट का मुद्दा छाया रहा। सदन में जिलास्तरीय अधिकारियों के उपस्थित न होने पर उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख लालती देवी ने की। आगामी वित्तीय वर्ष 2019- 20 के लिए विकास संबंधी योजनाओं और समस्याओं पर चर्चा की गई। सदन में पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि की गई। इसके साथ ही चतुर्थ राज्य वित्त आयोग, 14वां वित्त आयोग, पेयजल समस्याएं, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, पशु चिकित्सा, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों के न आने से सदन में आक्रोश व्याप्त दिखा। अधिकारियों के न आने पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। संसद व विधानसभा के जनप्रतिनिधियों और तहसील के अधिकारियों के न आने से भी सदन में आक्रोश रहा। स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली विभाग इत्यादि के किसी भी अधिकारी के न आने से सदस्यों ने गहरी नाराजगी जताई। खंड विकास अधिकारी निरंकार मिश्रा ने बताया कि प्रस्तावित करीब सौ कार्यों के लिए कुल 23 करोड़ 49 लाख 31 हजार रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई। बताया कि ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मिलजुलकर पेयजल, शौचालय, आवास इत्यादि प्राथमिकता के विषयों पर प्रभावी काम करने के लिए कहा गया है।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य नीरज श्रीवास्तव, हीरालाल बैसवार, संजय सिंह, सीडीपीओ एडीओ पंचायत रामउदय यादव, मोतीलाल वर्मा, बद्री सिंह पटेल, गणेश प्रसाद दूबे, अंजनि चौबे, सरोज देवी, फुलझारी देवी, लालबहादुर, ओमनारायण, आमोद रंजन, शिवाकांत, ओम नारायण, रामनरेश, बलिकरन, कैलाश यादव, जंगली पटेल, संतोष कुमार, सियाराम यादव आदि मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख लालती देवी ने की। आगामी वित्तीय वर्ष 2019- 20 के लिए विकास संबंधी योजनाओं और समस्याओं पर चर्चा की गई। सदन में पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि की गई। इसके साथ ही चतुर्थ राज्य वित्त आयोग, 14वां वित्त आयोग, पेयजल समस्याएं, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, पशु चिकित्सा, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों के न आने से सदन में आक्रोश व्याप्त दिखा। अधिकारियों के न आने पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। संसद व विधानसभा के जनप्रतिनिधियों और तहसील के अधिकारियों के न आने से भी सदन में आक्रोश रहा। स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली विभाग इत्यादि के किसी भी अधिकारी के न आने से सदस्यों ने गहरी नाराजगी जताई। खंड विकास अधिकारी निरंकार मिश्रा ने बताया कि प्रस्तावित करीब सौ कार्यों के लिए कुल 23 करोड़ 49 लाख 31 हजार रुपये के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई। बताया कि ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मिलजुलकर पेयजल, शौचालय, आवास इत्यादि प्राथमिकता के विषयों पर प्रभावी काम करने के लिए कहा गया है।
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इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य नीरज श्रीवास्तव, हीरालाल बैसवार, संजय सिंह, सीडीपीओ एडीओ पंचायत रामउदय यादव, मोतीलाल वर्मा, बद्री सिंह पटेल, गणेश प्रसाद दूबे, अंजनि चौबे, सरोज देवी, फुलझारी देवी, लालबहादुर, ओमनारायण, आमोद रंजन, शिवाकांत, ओम नारायण, रामनरेश, बलिकरन, कैलाश यादव, जंगली पटेल, संतोष कुमार, सियाराम यादव आदि मौजूद रहे।
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