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डिबुलगंज से लेकर शक्तिनगर तक आये दिन लग रहा जाम
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:29 AM IST
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शक्तिनगर मुख्य मार्ग स्थित डिबुलगंज से लेकर शक्तिनगर तक पटरियों पर बेतरतीब खड़े ट्रेलर व हाइवा से आए दिन लगने वाले जाम से नागरिकों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मंगलवार की रात्रि बांसी पेट्रोल पंप के पास लगे भीषण जाम में नागरिक घंटों जाम के झाम में फंसे रहे।
मंगलवार की रात्रि बांसी पेट्रोल पंप के समीप बेतरतीब खड़े कोयला लदे वाहनों से मुख्य मार्ग घंटों जाम रहा। जाम का आलम यह था कि छोटी गाड़ियां कच्ची रोड के सहारे बासी से होकर रेहटा गांव में निकल कर मुख्य मार्ग पर आकर जाम के झाम से बचने का प्रयास किया। प्रशासनिक उदासीनता के कारण कोल परियोजना में कोयला परिवहन करने वाले वाहन चालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वाहन को मुख्य मार्ग पर ही खड़ा कर चाय-पान करने चले जाते हैं। ऐसे में दोनों तरफ से वाहन आ जाने पर जाम लगना स्वाभाविक हो जाता है। अत्यंत व्यस्त सड़क होने के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन उक्त मार्ग से गुजरते हैं, जैसे ही जाम शुरू होता है कई किलोमीटर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। काशी मोड़ वन विभाग पर जाम लगना तो आम बात हो गयी परंतु अन्य स्थानों पर जाम लगने का कोई तूक नहीं होने के बाद भी आये दिन जाम लग रहा है। जिससे नागरिकों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। अनपरा निवासी इंद्रजीत सिंह, राम मिलन, बैसवार, पप्पू यादव, सूरज आदि ने आरोप लगाया कि कोल खदानों में परिवहन करने वाले विशालकाय वाहन मुख्य मार्ग को जाम करने में अहम रोल अदा करते हैं। इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई न होने से चालकों के हौसले बुलंद हैं। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद भी जागरूकता न आना समझ से परे है। अतिक्रमण से कराह रही पटरियां विलुप्त हो चुकी हैं। जिससे समस्या और भी गहराती जा रही है। लोगों ने पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बेतरतीब खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की है।
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मंगलवार की रात्रि बांसी पेट्रोल पंप के समीप बेतरतीब खड़े कोयला लदे वाहनों से मुख्य मार्ग घंटों जाम रहा। जाम का आलम यह था कि छोटी गाड़ियां कच्ची रोड के सहारे बासी से होकर रेहटा गांव में निकल कर मुख्य मार्ग पर आकर जाम के झाम से बचने का प्रयास किया। प्रशासनिक उदासीनता के कारण कोल परियोजना में कोयला परिवहन करने वाले वाहन चालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वाहन को मुख्य मार्ग पर ही खड़ा कर चाय-पान करने चले जाते हैं। ऐसे में दोनों तरफ से वाहन आ जाने पर जाम लगना स्वाभाविक हो जाता है। अत्यंत व्यस्त सड़क होने के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन उक्त मार्ग से गुजरते हैं, जैसे ही जाम शुरू होता है कई किलोमीटर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। काशी मोड़ वन विभाग पर जाम लगना तो आम बात हो गयी परंतु अन्य स्थानों पर जाम लगने का कोई तूक नहीं होने के बाद भी आये दिन जाम लग रहा है। जिससे नागरिकों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। अनपरा निवासी इंद्रजीत सिंह, राम मिलन, बैसवार, पप्पू यादव, सूरज आदि ने आरोप लगाया कि कोल खदानों में परिवहन करने वाले विशालकाय वाहन मुख्य मार्ग को जाम करने में अहम रोल अदा करते हैं। इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई न होने से चालकों के हौसले बुलंद हैं। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद भी जागरूकता न आना समझ से परे है। अतिक्रमण से कराह रही पटरियां विलुप्त हो चुकी हैं। जिससे समस्या और भी गहराती जा रही है। लोगों ने पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बेतरतीब खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की है।
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