{"_id":"6a3434425a6d8e3194067c5c","slug":"we-will-topple-the-government-that-insults-great-figures-chandrashekhar-sitapur-news-c-102-1-stp1002-158291-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"महापुरुषों का अपमान करने वाली सरकार की कुर्सी तोड़ देंगे : चंद्रशेखर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महापुरुषों का अपमान करने वाली सरकार की कुर्सी तोड़ देंगे : चंद्रशेखर
Thu, 18 Jun 2026 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
महमूदाबाद। भीम आर्मी के मुखिया व नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बृहस्पतिवार को रामपुर मथुरा के मझिगवां में मंच से भाजपा सरकार शब्दबाण चलाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महापुरुषों का अपमान करना चाहती है। चेतावनी भरे लहजे में चंद्रशेखर ने कहा कि महापुरुषों का अपमान करने वाली सरकार की कुर्सी तोड़ देंगे।
सांसद चंद्रशेखर आजाद का काफिला बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे मझिगवां गांव के बाहर बने सम्राट अशोक स्मृति द्वार पर रुका। इससे पहले सुबह ही प्रशासन ने गेट को कपड़े से ढंकवा दिया था। गाड़ी से उतरकर चंद्रशेखर ने गेट देखा। इसके बाद ग्राम प्रधान को बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। चंद्रशेखर के गेट पर रुकते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी बेचैन हो गए। कुछ देर बाद उनके वहां से रवाना होने पर अफसरों ने चैन की सांस ली। इसके बाद सांसद चंद्रशेखर गांव में गए।
उन्होंने कहा कि इस द्वार को प्रधान ने अपने पिता के नाम पर नहीं बल्कि अखंड भारत के निर्माता सम्राट अशोक के नाम पर बनवाया है। एक बहुजन बेटे को इस द्वार का लोकार्पण करना था। अब बहुजन महापुरुष के नाम पर द्वार है तो सरकार के पेट में दर्द हो गया। इसे अवैध बताकर कपड़े से ढंकवा दिया गया। चंद्रशेखर मंच से बोले कि मैं कहता हूं कि मुख्यमंत्री, डीएम, एसपी, आईजी आकर लोकार्पण कर दें। लेकिन अगर गेट टूटा तो ये याद रखें कि लखनऊ में बैठे लोग चैन से सो नहीं पाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार के पास रोजगार नहीं है। नीट का पेपर नहीं करा पा रहे हैं। हम 33 बिंदुओं का घोषणा पत्र लेकर आए हैं। महिलाओं को रोजगार और व्यापार शुरू करने के अवसर, पक्के आवास की सुविधा देंगे।
विज्ञापन
सांसद चंद्रशेखर आजाद का काफिला बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे मझिगवां गांव के बाहर बने सम्राट अशोक स्मृति द्वार पर रुका। इससे पहले सुबह ही प्रशासन ने गेट को कपड़े से ढंकवा दिया था। गाड़ी से उतरकर चंद्रशेखर ने गेट देखा। इसके बाद ग्राम प्रधान को बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। चंद्रशेखर के गेट पर रुकते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी बेचैन हो गए। कुछ देर बाद उनके वहां से रवाना होने पर अफसरों ने चैन की सांस ली। इसके बाद सांसद चंद्रशेखर गांव में गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस द्वार को प्रधान ने अपने पिता के नाम पर नहीं बल्कि अखंड भारत के निर्माता सम्राट अशोक के नाम पर बनवाया है। एक बहुजन बेटे को इस द्वार का लोकार्पण करना था। अब बहुजन महापुरुष के नाम पर द्वार है तो सरकार के पेट में दर्द हो गया। इसे अवैध बताकर कपड़े से ढंकवा दिया गया। चंद्रशेखर मंच से बोले कि मैं कहता हूं कि मुख्यमंत्री, डीएम, एसपी, आईजी आकर लोकार्पण कर दें। लेकिन अगर गेट टूटा तो ये याद रखें कि लखनऊ में बैठे लोग चैन से सो नहीं पाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार के पास रोजगार नहीं है। नीट का पेपर नहीं करा पा रहे हैं। हम 33 बिंदुओं का घोषणा पत्र लेकर आए हैं। महिलाओं को रोजगार और व्यापार शुरू करने के अवसर, पक्के आवास की सुविधा देंगे।