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Sitapur News: एलईडी बल्ब बनाकर विनीता बनीं लखपति दीदी
Tue, 02 Dec 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:03 AM IST
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सीतापुर। कसमंडा ब्लॉक के उत्कर्ष महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष विनीता एलईडी बल्व बनाने और इसके रिपेयरिंग का कार्य करके हर माह करीब एक लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे इनका नाम लखपति दीदी की सूची में दर्ज हुआ है। इसी तरह अन्य समूहों के 42,282 सदस्यों को भी बेहतर कार्य करने पर लखपति दीदी बनाया गया है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को लखपति दीदी बनाने का कार्य किया जा रहा है।
इसके लिए शासन ने 79,912 महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य दिया है। इसके सापेक्ष जिले में अब तक 42,282 लखपती दीदी बन चुकी हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक यह जानकारी देते हुए बताते हैं कि चौदह सौ समूहों को बैंक से ऋण दिलाया गया है।
जिससे वह खेती-किसानी के संग अन्य कार्य कर महीने में एक लाख रुपये की आमदनी कर सकें। 2367 समूहों को सामुदायिक इंवेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) दिलाया गया है। 167 बैंक सखी और 279 विद्युत सखी अन्य कार्य कर लखपती दीदी की श्रेणी में दर्ज हैं। बारह सौ समूह सखी हैं। इन्हें दो हजार रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है।
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कसमंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत महोली के उत्कर्ष महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष विनीता बीए तक की पढ़ाई की है। ब्लाक के बीएमएम ने उन्हें इलेक्ट्रिक की ट्रेनिंग लेने के लिए प्रेरित किया था।
प्रशिक्षण के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक शॉप खोली और एलईडी बल्ब बनाने और उसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया। अब वह इस काम से हर माह एक लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
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राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को लखपति दीदी बनाने का कार्य किया जा रहा है।
इसके लिए शासन ने 79,912 महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य दिया है। इसके सापेक्ष जिले में अब तक 42,282 लखपती दीदी बन चुकी हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक यह जानकारी देते हुए बताते हैं कि चौदह सौ समूहों को बैंक से ऋण दिलाया गया है।
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जिससे वह खेती-किसानी के संग अन्य कार्य कर महीने में एक लाख रुपये की आमदनी कर सकें। 2367 समूहों को सामुदायिक इंवेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) दिलाया गया है। 167 बैंक सखी और 279 विद्युत सखी अन्य कार्य कर लखपती दीदी की श्रेणी में दर्ज हैं। बारह सौ समूह सखी हैं। इन्हें दो हजार रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है।
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कसमंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत महोली के उत्कर्ष महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष विनीता बीए तक की पढ़ाई की है। ब्लाक के बीएमएम ने उन्हें इलेक्ट्रिक की ट्रेनिंग लेने के लिए प्रेरित किया था।
प्रशिक्षण के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक शॉप खोली और एलईडी बल्ब बनाने और उसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया। अब वह इस काम से हर माह एक लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।