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ढाई सौ बीघा खेती पर मंडरा रहा संकट
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:34 PM IST
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लहरपुर तहसील क्षेत्र में तीसरे दिन भी नहर पटरी दुरुस्त नहीं हो सकी है। इस वजह से पूरे क्षेत्र में करीब ढाई सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई है। इससे फसल बर्बादी का खतरा मंडरा रहा है। किसान परेशान हैं।
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मंगलवार को क्षेत्रीय जेई ने इतना जरूर कहा कि नहर के मुहाने से पानी बंद करा दिया गया है। उसके बाद पटरी की मरम्मत की जाएगी। बहरहाल सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण किसानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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शनिवार शाम मोहिद्दीनपुर के निकट लहरपुर माइनर की एक पटरी कट गई थी। जिसकी वजह से काफी मात्रा में पानी नहर से निकलकर खेतों में पहुंच गया। मोहिद्दीनपुर के निवासी राजकुमारी ने बताया कि उनके खेत में मसूर की फसल जम रही है।
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श्रीकेशन, दिनेश पटेल व बेनी प्रसाद आदि ने बताया कि उनके खेत में गेहूं की फसल बोई हुई है। इसी तरह से क्षेत्र के गुलरी पुरवा, बरगदहा आदि गांवों के दर्जनों किसानों की 250 बीघे से अधिक खेती जलमग्न है।
नहर से निकला हुआ पानी खेतों से होकर क्षेत्र के नेवादा ड्रेन में गिर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरा होने से गेहूं, चना, मटर, मसूर की फसलें पानी में सड़ रही हैं। इससे फसल बर्बाद हो रही है।
मंगलवार की शाम सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इतना जरूर कहा कि उन्होंने नहर पटरी को दुरुस्त करने का प्रयास किया था, लेकिन पटरी को दुरुस्त नहीं कर सके। इस वजह से अब नहर में पानी को रोक दिया गया है।
पानी रुकने के बाद नहर पटरी की मरम्मत होगी। ग्रामीणों का कहना है कि पटरी को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। यदि विभाग के अधिकारी सजग होते, तब पानी कब का रोक दिया गया होता।
पानी को रोका गया
पटरी को दुरुस्त करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इस वजह से नहर में पानी का आना रोक दिया गया। पानी रुकते ही पटरी को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
अनूप राजवंशी, जेई