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दुष्कर्म के आरोप में तीन को दस-दस साल की कैद
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सीतापुर। नाबालिग लकड़ी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के एक मामले में न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास व 15-15 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक उपाध्याय द्वारा दिए गए इस फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप कुमार त्रिपाठी द्वारा की गई।
पिसावां थाना क्षेत्र के ग्राम चौखड़िया निवासी शंकर व मानसिंह तथा हरदोई जिले के रहने वाले जगदीश नामक एक व्यक्ति के खिलाफ अपनी लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा जून 2004 में दर्ज कराया था। विवेचना के बाद इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित दाखिल किया।
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य व जुटाए गए 11 गवाहों के परीक्षण बाद तीनों आरोपियों को घटना का दोषी करार देते हुए दस-दस साल की कैद और 15-15 हजार की जुर्माना वसूली की सजा दी है। दोषी अभियुक्तों से वसूले गए कुल अर्थदंड में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को पुनर्वास हेतु सहायता के बतौर प्रदान की जाएगी।
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एक अन्य मामले में पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाने के आरोप में एक आरोपी को 14 वर्ष के कारावास व 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 15 द्वारा सुनाए गए फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोनिका शुक्ला द्वारा की गई।
रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम सेउता में एक मदरसे के शिक्षक वसीम के खिलाफ नाबालिग छात्रा को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा फरवरी 2016 को दर्ज कराया गया था। सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए उसे 14 वर्ष के कठोर कारावास व 18 हजार रुपया जुर्माना लगाने की सजा सुनाई है।
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पिसावां थाना क्षेत्र के ग्राम चौखड़िया निवासी शंकर व मानसिंह तथा हरदोई जिले के रहने वाले जगदीश नामक एक व्यक्ति के खिलाफ अपनी लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा जून 2004 में दर्ज कराया था। विवेचना के बाद इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित दाखिल किया।
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न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य व जुटाए गए 11 गवाहों के परीक्षण बाद तीनों आरोपियों को घटना का दोषी करार देते हुए दस-दस साल की कैद और 15-15 हजार की जुर्माना वसूली की सजा दी है। दोषी अभियुक्तों से वसूले गए कुल अर्थदंड में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को पुनर्वास हेतु सहायता के बतौर प्रदान की जाएगी।
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एक अन्य मामले में पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाने के आरोप में एक आरोपी को 14 वर्ष के कारावास व 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 15 द्वारा सुनाए गए फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोनिका शुक्ला द्वारा की गई।
रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम सेउता में एक मदरसे के शिक्षक वसीम के खिलाफ नाबालिग छात्रा को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा फरवरी 2016 को दर्ज कराया गया था। सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए उसे 14 वर्ष के कठोर कारावास व 18 हजार रुपया जुर्माना लगाने की सजा सुनाई है।