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दधीचि कुंड में मरी हजारों मछलियां
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मिश्रिख तीर्थ में मरी पड़ी मछलियां। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। दधीचि कुंड मिश्रिख में बुधवार को हजारों मछलियां मर गईं। सुबह जब श्रद्धालु कुंड पहुंचे तो वे दुर्गंध से परेशान होने लगे। श्रद्धालुओं ने तत्काल इसकी सूचना नगर पालिका को दी। इसके बावजूद कोई अफसर वहां नहीं पहुंचा। श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है। इससे पहले मंगलवार को भी तमाम मछलियां मर गई थी।
मिश्रिख कस्बे के दधीचि कुंड तीर्थ में मंगलवार को हजारों की तादात में मछलियां मर गई थी। मछलियों के मरने का यह सिलसिला दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। दो दिन बीत जाने के बाद मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा है। मंगलवार को नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने मरी हुई मछलियों को निकालकर बोरियों में भरकर तीर्थ पर रख दिया था।
सुबह से ही तीर्थ पर दुर्गंध उठने लगी थी। इस कारण श्रद्धालु परिक्रमा करने नहीं आए। दधीच कुंड पर पहुंचकर वहां के लोगों ने ईओ से वार्ता की और वहां की बदहाली बताई। इसके बावजूद नगर पालिका से कोई भी अफसर व कर्मचारी नहीं पहुंचा। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस पवित्र तीर्थ की वर्षों से सफाई न होने के कारण पानी काला होकर दूषित हो रहा है, जिससे आए दिन मछलियों के मरने का सिलसिला लगा रहता है।
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अफसर बरत रहे लापरवाही
तीर्थ पुरोहित राहुल शर्मा का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आते है। वह केवल झूठा आश्वासन देकर चले जाते हैं। इस तीर्थ का दूषित जल बदलवाने के बजाए जल में चूना फिटकरी डलवा कर खानापूर्ति करके चले जाते हैं। तीर्थ का जल दूषित होने के कारण मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है।
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मिश्रिख कस्बे के दधीचि कुंड तीर्थ में मंगलवार को हजारों की तादात में मछलियां मर गई थी। मछलियों के मरने का यह सिलसिला दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। दो दिन बीत जाने के बाद मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा है। मंगलवार को नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने मरी हुई मछलियों को निकालकर बोरियों में भरकर तीर्थ पर रख दिया था।
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सुबह से ही तीर्थ पर दुर्गंध उठने लगी थी। इस कारण श्रद्धालु परिक्रमा करने नहीं आए। दधीच कुंड पर पहुंचकर वहां के लोगों ने ईओ से वार्ता की और वहां की बदहाली बताई। इसके बावजूद नगर पालिका से कोई भी अफसर व कर्मचारी नहीं पहुंचा। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस पवित्र तीर्थ की वर्षों से सफाई न होने के कारण पानी काला होकर दूषित हो रहा है, जिससे आए दिन मछलियों के मरने का सिलसिला लगा रहता है।
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अफसर बरत रहे लापरवाही
तीर्थ पुरोहित राहुल शर्मा का कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आते है। वह केवल झूठा आश्वासन देकर चले जाते हैं। इस तीर्थ का दूषित जल बदलवाने के बजाए जल में चूना फिटकरी डलवा कर खानापूर्ति करके चले जाते हैं। तीर्थ का जल दूषित होने के कारण मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है।