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इलाज के लिए आठ घंटे तड़पे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Mon, 21 Sep 2015 11:46 PM IST
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जिला अस्पताल में रविवार देर रात दबंगों ने इमरजेंसी में घुस डॉक्टर को जमकर पीट दिया। उन्हें अस्पताल से खींचकर ले जाने का प्रयास किया। इससे डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी मिलते ही पर डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने जिला व महिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं।
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सभी ने घटना का विरोध शुरू कर दिया। करीब छह घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं ठप रहीं। सोमवार सुबह भी दो घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। इससे मरीज बेहाल हो उठे। इलाज के अभाव में लखनऊ जाते समय आग से झुलसी एक महिला ने दम तोड़ दिया।
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पीड़ित डॉक्टर की तहरीर पर पुलिस ने एक महिला समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला अस्पताल में तैनात मनोरोग चिकित्सक अखिलेश वर्मा रविवार रात करीब 10 बजे इमरजेंसी में मरीजों का इलाज कर रहे थे।
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इसी बीच कुछ लोग वहां पहुंचे और एक मरीज का हवाला देते हुए बोले कि परिवार का एक युवक सड़क हादसे में घायल हो गया है, उसका रेफर बना दो। इस पर चिकित्सक ने बिना मरीज देखे रेफर स्लिप बनाने से इन्कार कर दिया।
इसी बात को लेकर वहां पहुंचे लोग भड़क गए और डॉक्टर अखिलेश वर्मा को पीटने लगे। वे डॉक्टर को पीटते हुए इमरजेंसी से बाहर खींच लाए। अस्पताल के अन्य कर्मचारी दौड़े तब विवाद शांत हुआ। चिकित्सक की पिटाई की खबर फैलते ही जिला अस्पताल के सारे डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर चले गए। यहां तक की इमरजेंसी सेवा तक ठप कर दी गई।
डॉक्टर पर हमले के बाद जिला अस्पताल में विरोध प्रदर्शन जारी हो गया था। इसको देखते ही रविवार देर रात से जिला अस्पताल में पुलिस तैनात कर दी गई थी। शहर कोतवाली के अलावा थाना रामकोट का पुलिस बल भी लगाया गया था। सुबह एक बार फिर से प्रदर्शन होने लगा, इस पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल बढ़ा दिया गया। चिकित्सीय सेवा बहाल होने तक जिला अस्पताल पुलिस की छावनी में तब्दील रहा।
बेबस रहा प्रशासन, झुलसी महिला की मौत
सिधौली के नरोत्तम नगर निवासी घनश्याम (30) व उसकी पत्नी सुनीता देवी (25) बुरी तरह से झुलसी हालत में जिला अस्पताल पहुंचे। करीब दो घंटे तक दंपती इमरजेंसी में इलाज के अभाव में तड़पते रहे। पत्नी की हालत गंभीर देख पति झुलसी हालत में डॉक्टरों से इलाज के लिए गिड़गिड़ाता रहा पर वे नहीं पसीजे।
इसके बाद पति भाग कर अस्पताल के बाहर खड़ी पुलिस के पास इलाज करवाने को गिड़गड़ाया पर उस दौरान पुलिस प्रशासन भी बेबस नजर आया। प्रभारी सीएमएस डॉ. एके गौतम ने दंपती को बिना इलाज के ही ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ जाते समय सुनीता ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
एएसपी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि डॉ. अखिलेश की तहरीर पर आरोपी रामकोट थाना क्षेत्र के मोहल्ला विश्राम नगर निवासी आशीष मिश्रा, मनीष मिश्रा, दोनों युवकों की मां रामदेवी मिश्रा व भतीजा हर्षित मिश्रा और चार अन्य के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना, हत्या का प्रयास आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने नामजद लोगों में रामदेवी, आशीष मिश्रा, मनीष मिश्रा व हर्षित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।