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जबरन तीन छात्राओं के नाम काटे
अमर उजाला ब्यूरो/ सीतापुर
Updated Fri, 31 Jul 2015 10:52 PM IST
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राजकीय आश्रम पद्घति विद्यालय की अधीक्षिका ने तानाशाही दिखाते हुए तीन छात्राओं के नाम काट दिए। पूछने पर वजह भी नहीं बताई। अभिभावक जानकारी लेने स्कूल पहुंचे तो छात्राओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें भगा दिया गया।
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आहत अभिभावकों ने शुक्रवार को डीएम से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए हैं। समाज कल्याण अधिकारी ने अधीक्षिका से स्पष्टीकरण तलब करते हुए छात्राओं के नाम पुन: लिखने के निर्देश दिए हैं।
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सरैंया मलुही निवासी सुरेश ने अपनी बेटी रोशनी, गोपाल ने रोली और महावीर ने अपनी बेटी कौस्तुकी का प्रवेश मई माह में राजकीय आश्रम पद्घति विद्यालय रहीमाबाद में कराया था।
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रोशनी व कौस्तुकी कक्षा-6 तथा रोली कक्षा-1 की छात्रा है। इन छात्राओं ने सत्र की शुरुआत में एक माह तक विद्यालय में रहकर शिक्षा प्राप्त की। फिर गर्मी की छुट्टियां हो गईं।
जुलाई में विद्यालय खुलने पर तीनों छात्राएं स्कूल पहुंचीं तो पता चला कि उन सभी का नाम काट दिया गया है। अभिभावकों ने भी स्कूल के कई चक्कर लगाए पर अधीक्षिका कुछ भी सुनने को राजी नहीं हुईं।
अभिभावकों का आरोप है, कि 22 जुलाई को वह लोग फिर से स्कूल पहुंचे, इस पर अधीक्षिका ने अभद्रता करते हुए यूनीफार्म छीन ली और छात्राओं पर गलत का आरोप जड़ दिया।
इतना ही नहीं सुरक्षा गार्डों से कहकर उन्हें विद्यालय से बाहर भगा दिया गया। आहत अभिभावकों ने डीएम सूर्यपाल गंगवार को आपबीती बताई।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच व कार्रवाई के लिए समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए। समाज कल्याण अधिकारी रणजीत सिंह ने अधीक्षिका से छात्राओं के पुन: प्रवेश लेने के निर्देश देते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।