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Sitapur News: हड़ताल खत्म पर समितियों के नहीं खुले ताले
Thu, 06 Mar 2025 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 06 Mar 2025 11:53 PM IST
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बंद पड़ा समिति कार्यालय।
सीतापुर। करीब तीन सप्ताह बाद समितियों की तालाबंदी तो खत्म हो गई लेकिन अधिकतर समितियों पर बृहस्पतिवार को भी ताले लटके दिखे। हड़ताल खत्म होने के बाद खाद व बीज के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है। समितियों पर डीएपी न मिलने से किसानों को निराश होकर बाजार से महंगे दाम पर खाद खरीदने की परेशानी भी उठाना पड़ रही है।
तीन समितियों के लाइसेंस खत्म
सेवता। क्षेत्र में संचालित 12 सहकारी समितियां में से 10 समितियां पहले से ही से बंद हैं। तीन समितियों का लाइसेंस खत्म हो चुका है। वहीं एक समिति पर सिर्फ यूरिया उपलब्ध है। सचिव के मुताबिक डीएपी की डिमांड लगाई गई है। वहीं खरौहा, जमौली, खरहरा, ईटगांव, रेउसा, बढ़ाईडीह, थौरा, चंदसेनी, थानगांव व काशीपुर काफी समय से बंद चल रही हैं। खरौहा, जमौली, चंद्रसेनी, तरसेवरा, खरहरा समिति के सचिव परशुराम बाजपेई ने बताया कि तीन समितियों का क्रेडिट स्कोर पास हुआ है खाद का लाइसेंस बनना बाकी है।
जिले से नहीं मिल पा रही खाद
बेहटा। विकास खंड बेहटा क्षेत्र की साधन सहकारी समिति बेहटा पकौड़ी का बृहस्पतिवार को ताला तो खुल गया, लेकिन खाद व बीज उपलब्ध न होने के कारण किसानों को वापस जाना पड़ा। किसान राम कुमार ने बताया, 15 किलोमीटर दूर से खाद लेने आए थे, खाद नहीं मिली।
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भुड़कुड़ा में 52 बोरी डीएपी की बिक्री
उरदौली। इलाके के भुड़कुड़ा स्थित सहकारी समिति पर सुबह से ही किसान पहूंचने लगे। तालाबंदी खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार को समिति पर 191 बोरी डीएपी उपलब्ध थी। सचिव हरिनाम सिंह ने बताया कि समिति पर सुबह से ही बिक्री शुरू हो गई थी। शाम तक किसानों द्वारा 52 बोरी क्रय की गईं। वहीं नरहरा समिति के सचिव कांशीराम ने बताया कि समिति पर 376 बोरी स्टॉक में हैं, जबकि 50 बोरी की बिक्री की गई है।
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तीन समितियों के लाइसेंस खत्म
सेवता। क्षेत्र में संचालित 12 सहकारी समितियां में से 10 समितियां पहले से ही से बंद हैं। तीन समितियों का लाइसेंस खत्म हो चुका है। वहीं एक समिति पर सिर्फ यूरिया उपलब्ध है। सचिव के मुताबिक डीएपी की डिमांड लगाई गई है। वहीं खरौहा, जमौली, खरहरा, ईटगांव, रेउसा, बढ़ाईडीह, थौरा, चंदसेनी, थानगांव व काशीपुर काफी समय से बंद चल रही हैं। खरौहा, जमौली, चंद्रसेनी, तरसेवरा, खरहरा समिति के सचिव परशुराम बाजपेई ने बताया कि तीन समितियों का क्रेडिट स्कोर पास हुआ है खाद का लाइसेंस बनना बाकी है।
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जिले से नहीं मिल पा रही खाद
बेहटा। विकास खंड बेहटा क्षेत्र की साधन सहकारी समिति बेहटा पकौड़ी का बृहस्पतिवार को ताला तो खुल गया, लेकिन खाद व बीज उपलब्ध न होने के कारण किसानों को वापस जाना पड़ा। किसान राम कुमार ने बताया, 15 किलोमीटर दूर से खाद लेने आए थे, खाद नहीं मिली।
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भुड़कुड़ा में 52 बोरी डीएपी की बिक्री
उरदौली। इलाके के भुड़कुड़ा स्थित सहकारी समिति पर सुबह से ही किसान पहूंचने लगे। तालाबंदी खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार को समिति पर 191 बोरी डीएपी उपलब्ध थी। सचिव हरिनाम सिंह ने बताया कि समिति पर सुबह से ही बिक्री शुरू हो गई थी। शाम तक किसानों द्वारा 52 बोरी क्रय की गईं। वहीं नरहरा समिति के सचिव कांशीराम ने बताया कि समिति पर 376 बोरी स्टॉक में हैं, जबकि 50 बोरी की बिक्री की गई है।