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Sitapur News: महारास लीला के प्रसंग ने किया भाव विभोर
Thu, 11 Dec 2025 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:08 AM IST
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सीतापुर। खगेसियामऊ स्थित श्री कृष्ण सेवा संस्थान में बुधवार को भागवत कथा का आयोजन हुआ। प्रवाचक आचार्य अशोक अवस्थी ने कथा का रसपान कराते हुए कृष्ण की महारास लीला का सुंदर वर्णन किया। इसे सुनकर पंडाल में मौजूद भक्त भाव विभोर हो कर झूम उठे।
प्रवाचक ने बताया कि महारास के समय भगवान श्रीकृष्ण ने जब बांसुरी बजाई तो गोपियां बांसुरी की धुन सुनकर भगवान श्रीकृष्ण के पास दौड़ी चली आईं। श्रीकृष्ण ने गोपियों से कहा कि मेरी लीला और गुणों के श्रवण से, रूप के दर्शन से, उन सबके कीर्तन और ध्यान से मेरे प्रति जैसे अनन्य प्रेम की प्राप्ति होती है। वैसे प्रेम की प्राप्ति पास रहने से नहीं होती है। इसलिए तुम लोग अपने-अपने घर लौट जाओ।
इस पर गोपियां बोलीं, प्यारे श्रीकृष्ण, मन मोहन, अब तक हमारा चित्त घर के कामों में लगता था। इसी वजह से हमारे हाथ भी उनमें रमे हुए थे। तुमने हमारा वह चित्त लूट लिया। इसमें तुम्हें कोई कठिनाई भी नहीं उठानी पड़ी, परंतु अब तो हमारी गति-मति निराली ही हो गई है। हमारे ये पैर तुम्हारे चरण कमलों को छोड़कर एक पग भी हटने के लिए तैयार नहीं हैं। कथाव्यास की महारास लीला कथा सुनकर दर्शक भाव विभोर हो उठे। (संवाद)
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प्रवाचक ने बताया कि महारास के समय भगवान श्रीकृष्ण ने जब बांसुरी बजाई तो गोपियां बांसुरी की धुन सुनकर भगवान श्रीकृष्ण के पास दौड़ी चली आईं। श्रीकृष्ण ने गोपियों से कहा कि मेरी लीला और गुणों के श्रवण से, रूप के दर्शन से, उन सबके कीर्तन और ध्यान से मेरे प्रति जैसे अनन्य प्रेम की प्राप्ति होती है। वैसे प्रेम की प्राप्ति पास रहने से नहीं होती है। इसलिए तुम लोग अपने-अपने घर लौट जाओ।
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इस पर गोपियां बोलीं, प्यारे श्रीकृष्ण, मन मोहन, अब तक हमारा चित्त घर के कामों में लगता था। इसी वजह से हमारे हाथ भी उनमें रमे हुए थे। तुमने हमारा वह चित्त लूट लिया। इसमें तुम्हें कोई कठिनाई भी नहीं उठानी पड़ी, परंतु अब तो हमारी गति-मति निराली ही हो गई है। हमारे ये पैर तुम्हारे चरण कमलों को छोड़कर एक पग भी हटने के लिए तैयार नहीं हैं। कथाव्यास की महारास लीला कथा सुनकर दर्शक भाव विभोर हो उठे। (संवाद)
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