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एथलेटिक्स में रोशन करेंगे सीतापुर का नाम
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सीतापुर। जिले के 30 बच्चों की प्रतिभा को तराशा जाएगा। इन बच्चों को एथलेटिक्स में निपुण बनाकर जिले से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का बेहतर अवसर दिया जाएगा। खिलाड़ियों की यह प्रतिभा खेलो इंडिया अभियान के तहत निखारी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से जिले को अरसे बाद एथलेटिक्स का एक कोच मिल गया है। एक जिला एक खेल योजना के तहत बच्चों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोच सुबह-शाम स्टेडियम में बच्चों से कड़ी मेहनत कराकर उनकी प्रतिभा तराशने में जुटे हैं।
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से खेलो इंडिया अभियान चलाया जा रहा है। एक जिला एक खेल योजना के तहत सीतापुर का चयन एथलेटिक्स खेल के लिए हुआ है। इस चयन के बाद एथलेटिक्स में अपना भविष्य संवारने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर मौका दिया गया है। जिले में इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए जिले से 30 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इस चयन से पहले सभी खिलाड़ियों को ट्रायल देना हेागा। ट्रायल में सफल होने के बाद उन्हें प्रतिदिन सुबह-शाम ट्रेनिंग देकर निपुण किया जाएगा।
हाल ही में एथलेटिक्स के लिए जिले में मयंक आनंद को कोच नियुक्ति किया गया है। अब वह शहर के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में सुबह-शाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस समय चयन प्रक्रिया चल रही है। मयंक आनंद का कहना है 15 बालक व 15 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। अभी तक 15 खिलाड़ियों का चयन हो चुका है। इसी माह में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों को ही इस योजना के तहत अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इन बच्चों को बेहतर सुविधाएं देकर होनहार बनाया जाएगा ताकि वह जिले से लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। इन बच्चों की सुबह-शाम ट्रेनिंग चल रही है। बच्चे भी पूरी लगन व मेहनत से मैदान में खूब पसीना बहा रहे हैं।
खेल विभाग के मुताबिक जिले में खेलों का बेहतर माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ताइक्वांडो, हॉकी व फुटबॉल के कोच आ गये हैं। इससे इन खेलों को पसंद करने वाले खिलाड़ियों को यहां पर अपना हुनर दिखाने का बेहतर मौका मिलेगा। मानक के अनुसार प्रत्येक खेल में 40-40 खिलाड़ी का चयन किया जाएगा। जबकि शहर में इन खेलों के प्रति खिलाड़ियों की अधिक रुचि बनी हुई है। मौजूदा समय में 175 खिलाड़ी इन खेलों में अपनी प्रतिभा निखारने के लिए मेजर ध्यानचंद स्टेडियम पहुंच रहे हैं। जबकि बालीवॉल व क्रिकेट के कोच आने का इंतजार किया जा रहा है। इन खेलों के लिए अभी कोई कोच जिले में नहीं है।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। करीब एक साल पहले इस ट्रैक को बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक टीम जिला मुख्यालय आई थी। टीम ने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम का निरीक्षण करके हालात देखे थे। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया था। मगर अभी तक इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। ऐसे में उम्मीद है कि जब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी तो एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के लिए जिले में और बेहतर सुविधा हो सकेगी। एथलेटिक्स के खिलाड़ी सिंथेटिक ट्रैक बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उप जिला क्रीड़ा अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि खेलो इंडिया अभियान के तहत सीतापुर का चयन एथलेटिक्स में हुआ है। इसके लिए कोच आ गये हैं। 30 बच्चों को स्पेशल ट्रेनिंग देकर निपुण किया जाएगा। इसके लिए प्रयास शुरू हो गये हैं। इस समय चयन की प्रक्रिया चल रही है। खिलाड़ियों को सभी आवश्यक संसाधन व सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से खेलो इंडिया अभियान चलाया जा रहा है। एक जिला एक खेल योजना के तहत सीतापुर का चयन एथलेटिक्स खेल के लिए हुआ है। इस चयन के बाद एथलेटिक्स में अपना भविष्य संवारने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर मौका दिया गया है। जिले में इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए जिले से 30 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इस चयन से पहले सभी खिलाड़ियों को ट्रायल देना हेागा। ट्रायल में सफल होने के बाद उन्हें प्रतिदिन सुबह-शाम ट्रेनिंग देकर निपुण किया जाएगा।
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हाल ही में एथलेटिक्स के लिए जिले में मयंक आनंद को कोच नियुक्ति किया गया है। अब वह शहर के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में सुबह-शाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस समय चयन प्रक्रिया चल रही है। मयंक आनंद का कहना है 15 बालक व 15 बालिकाओं का चयन किया जाएगा। अभी तक 15 खिलाड़ियों का चयन हो चुका है। इसी माह में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों को ही इस योजना के तहत अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इन बच्चों को बेहतर सुविधाएं देकर होनहार बनाया जाएगा ताकि वह जिले से लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। इन बच्चों की सुबह-शाम ट्रेनिंग चल रही है। बच्चे भी पूरी लगन व मेहनत से मैदान में खूब पसीना बहा रहे हैं।
खेल विभाग के मुताबिक जिले में खेलों का बेहतर माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ताइक्वांडो, हॉकी व फुटबॉल के कोच आ गये हैं। इससे इन खेलों को पसंद करने वाले खिलाड़ियों को यहां पर अपना हुनर दिखाने का बेहतर मौका मिलेगा। मानक के अनुसार प्रत्येक खेल में 40-40 खिलाड़ी का चयन किया जाएगा। जबकि शहर में इन खेलों के प्रति खिलाड़ियों की अधिक रुचि बनी हुई है। मौजूदा समय में 175 खिलाड़ी इन खेलों में अपनी प्रतिभा निखारने के लिए मेजर ध्यानचंद स्टेडियम पहुंच रहे हैं। जबकि बालीवॉल व क्रिकेट के कोच आने का इंतजार किया जा रहा है। इन खेलों के लिए अभी कोई कोच जिले में नहीं है।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाएगा। करीब एक साल पहले इस ट्रैक को बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक टीम जिला मुख्यालय आई थी। टीम ने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम का निरीक्षण करके हालात देखे थे। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया था। मगर अभी तक इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। ऐसे में उम्मीद है कि जब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी तो एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के लिए जिले में और बेहतर सुविधा हो सकेगी। एथलेटिक्स के खिलाड़ी सिंथेटिक ट्रैक बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उप जिला क्रीड़ा अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि खेलो इंडिया अभियान के तहत सीतापुर का चयन एथलेटिक्स में हुआ है। इसके लिए कोच आ गये हैं। 30 बच्चों को स्पेशल ट्रेनिंग देकर निपुण किया जाएगा। इसके लिए प्रयास शुरू हो गये हैं। इस समय चयन की प्रक्रिया चल रही है। खिलाड़ियों को सभी आवश्यक संसाधन व सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।