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जिला समाज कल्याण समेत सात अफसर नदारद
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विकास भवन के बाहर अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते डीएम विशाल भारद्वाज। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। विकास भवन में बैठकर जिले के विकास कार्यों को रफ्तार देने वाले जिम्मेदार अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं ला पा रहे हैं। देर से आना और जल्दी जाने की आदत को अफसर छोड़ नहीं पा रहे हैं। कई बार कार्रवाई, स्पष्टीकरण मांगने के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है। जिम्मेदारों की मनमानी जारी है। मंगलवार को ऐसा ही नजारा विकास भवन के औचक निरीक्षण में डीएम को देखने को मिला। जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत सात अफसर गैर हाजिर मिले। डीएम ने नदारद अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम ने मंगलवार को विकास भवन का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद से पूरे दिन विकास भवन में हड़कंप मचा रहा। शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि सभी अफसर तैनाती स्थल पर ही निवास करें। वह जनता की समस्याओं को सुनें। उनका समय से निस्तारण करें। बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें। विभागीय कार्यों को समय से पूर्ण किया जाए लेकिन जिले में ऐसा हो नहीं रहा है।
अधिकांश विभागों के दफ्तर विकास भवन में हैं। इसलिए जनता अपनी समस्याओं को लेकर यहां आती है। अफसरों के समय से दफ्तर न पहुंचने एवं समय से पूर्व चले जाने से शासन की मंशा पूरी नहीं हो रही है। ये सच मंगलवार को डीएम के औचक निरीक्षण में सामने आया है। मंगलवार की सुबह दस बज रहे थे। डीएम विशाल भारद्वाज की गाड़ी विकास भवन के गेट पर आकर रुकी। उनके आने की जानकारी मिलते ही सीडीओ अक्षत वर्मा दफ्तर से बाहर निकलकर आए।
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इसके बाद डीएम ने सीडीओ के साथ 10:10 बजे से विकास भवन का निरीक्षण शुरू किया। निरीक्षण के दौरान डीसी मनरेगा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, जिला कृषि अधिकारी, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी गैैर हाजिर पाए गए। डीएम ने गैर हाजिर अफसरों से स्पष्टीकरण तलब मांगा है।
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डीएम ने मंगलवार को विकास भवन का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद से पूरे दिन विकास भवन में हड़कंप मचा रहा। शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि सभी अफसर तैनाती स्थल पर ही निवास करें। वह जनता की समस्याओं को सुनें। उनका समय से निस्तारण करें। बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें। विभागीय कार्यों को समय से पूर्ण किया जाए लेकिन जिले में ऐसा हो नहीं रहा है।
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अधिकांश विभागों के दफ्तर विकास भवन में हैं। इसलिए जनता अपनी समस्याओं को लेकर यहां आती है। अफसरों के समय से दफ्तर न पहुंचने एवं समय से पूर्व चले जाने से शासन की मंशा पूरी नहीं हो रही है। ये सच मंगलवार को डीएम के औचक निरीक्षण में सामने आया है। मंगलवार की सुबह दस बज रहे थे। डीएम विशाल भारद्वाज की गाड़ी विकास भवन के गेट पर आकर रुकी। उनके आने की जानकारी मिलते ही सीडीओ अक्षत वर्मा दफ्तर से बाहर निकलकर आए।
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इसके बाद डीएम ने सीडीओ के साथ 10:10 बजे से विकास भवन का निरीक्षण शुरू किया। निरीक्षण के दौरान डीसी मनरेगा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां, जिला कृषि अधिकारी, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी गैैर हाजिर पाए गए। डीएम ने गैर हाजिर अफसरों से स्पष्टीकरण तलब मांगा है।