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Sitapur News: जलस्तर घटने से राहत, कटान बनी मुसीबत
Thu, 03 Aug 2023 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 03 Aug 2023 12:29 AM IST
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रामपुर मथुरा/सीतापुर। सरयू के जलस्तर में सातवें दिन 20 सेमी. की कमी आई। बुधवार को जलस्तर 118.60 मीटर दर्ज किया गया। इससे बाढ़ का खतरा लगभग टल गया है। हालांकि पानी उतरने के बाद भी तटवर्ती गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पानी घटने के साथ कटान तेज होने लगी है। उधर, बैराजों से बुधवार को 2,44,890 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
सरयू नदी का जलस्तर पिछले एक सप्ताह से 118.80 मीटर पर टिका था। संभावित बाढ़ को लेकर तराई क्षेत्र के ग्रामीण सहमे हुए थे। आखिरकार सातवें दिन जलस्तर में 20 सेमी. की कमी आई। पानी घटकर 118.60 मीटर पर पहुंच गया। पानी अब भी खतरे के निशान से महज 40 सेमी. नीचे बह रहा है। लेकिन बाढ़ का खतरा टल गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लेकिन उनकी मुश्किलें अब भी कम नहीं हो रही हैं।
दरअसल, जलस्तर घटने से पानी का बहाव तेज हो गया है। इससे नदी के किनारे कटान होने लगी है। सरयू के किनारे बसे शंकर पुरवा, बाबाकुटी तथा अखरी गांवों के पास खेतों का कटान हो रही है। शंकरपुरवा गांव के पास हरी व रामचंद्र आदि के खेतों को नदी की तेज धारा काट रही है। अखरी में रामनरेश और जुगुल आदि की खेती योग्य जमीन भी नदी में समा रही है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। महमूदाबाद तहसीलदार सुखवीर सिंह ने बताया कि जलस्तर कम होने से स्थिति सामान्य है। कटान तेज नहीं हुई है।
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किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 1,23,073 क्यूसेक
शारदा बैराज- 68,147 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 53,670 क्यूसेक
तटवर्ती गांवों के करीब पहुंच रही नदी की धारा
रेउसा में बुधवार दोपहर बाद सरयू व शारदा नदियों के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे तटवर्ती पासिन पुरवा, नव्वनपुरवा, दर्जिन रेती, लोधपुरवा, नया निर्मल पुरवा समेत 16 गांवों के लोग भयभीत हैं। इन गांवों से लहरें महज 100 मीटर दूर हिलोंरे मार रही हैं। पानी का बहाव निचले भू-भाग का ओर देखा जा रहा है। वहीं, नकहिया पुलिया पास घड़ियाल दिखने से ग्रामीण दहशत में हैं। विजय राज, राजेश, बृजमोहन आदि ने बताया दिन में कई बार घड़ियाल नदी से बाहर निकलता है। बिसवां उपजिलाधिकारो पीएल मौर्य ने बताया कि बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं।
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सरयू नदी का जलस्तर पिछले एक सप्ताह से 118.80 मीटर पर टिका था। संभावित बाढ़ को लेकर तराई क्षेत्र के ग्रामीण सहमे हुए थे। आखिरकार सातवें दिन जलस्तर में 20 सेमी. की कमी आई। पानी घटकर 118.60 मीटर पर पहुंच गया। पानी अब भी खतरे के निशान से महज 40 सेमी. नीचे बह रहा है। लेकिन बाढ़ का खतरा टल गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लेकिन उनकी मुश्किलें अब भी कम नहीं हो रही हैं।
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दरअसल, जलस्तर घटने से पानी का बहाव तेज हो गया है। इससे नदी के किनारे कटान होने लगी है। सरयू के किनारे बसे शंकर पुरवा, बाबाकुटी तथा अखरी गांवों के पास खेतों का कटान हो रही है। शंकरपुरवा गांव के पास हरी व रामचंद्र आदि के खेतों को नदी की तेज धारा काट रही है। अखरी में रामनरेश और जुगुल आदि की खेती योग्य जमीन भी नदी में समा रही है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। महमूदाबाद तहसीलदार सुखवीर सिंह ने बताया कि जलस्तर कम होने से स्थिति सामान्य है। कटान तेज नहीं हुई है।
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किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 1,23,073 क्यूसेक
शारदा बैराज- 68,147 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 53,670 क्यूसेक
तटवर्ती गांवों के करीब पहुंच रही नदी की धारा
रेउसा में बुधवार दोपहर बाद सरयू व शारदा नदियों के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे तटवर्ती पासिन पुरवा, नव्वनपुरवा, दर्जिन रेती, लोधपुरवा, नया निर्मल पुरवा समेत 16 गांवों के लोग भयभीत हैं। इन गांवों से लहरें महज 100 मीटर दूर हिलोंरे मार रही हैं। पानी का बहाव निचले भू-भाग का ओर देखा जा रहा है। वहीं, नकहिया पुलिया पास घड़ियाल दिखने से ग्रामीण दहशत में हैं। विजय राज, राजेश, बृजमोहन आदि ने बताया दिन में कई बार घड़ियाल नदी से बाहर निकलता है। बिसवां उपजिलाधिकारो पीएल मौर्य ने बताया कि बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं।