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Sitapur News: आंगनबाड़ी केंद्रों में बनेगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
Fri, 09 May 2025 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 09 May 2025 12:51 AM IST
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सीतापुर। बारिश के पानी का सदुपयोग किया जाएगा, जिससे भूगर्भ जल के स्तर में सुधार हो सके। इसके लिए शासन और प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। डीएम अभिषेक आनंद के निर्देश पर जिले के 123 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा। यह कार्य लघु सिंचाई विभाग की ओर से कराया जाएगा। इस पर 19 लाख 68 हजार रुपये खर्च होंगे।
वर्षा जल संचयन जल संसाधनों को संरक्षित करने में मदद करता है। इससे भूजल और सतही जल स्रोतों पर निर्भरता कम होती है। बारिश के पानी को एकत्रित करके, भूजल स्तर रिचार्ज करने में मदद की जा सकती है, जिससे पानी की कमी की समस्या को कम किया जा सकता है। वर्षा जल संचयन पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नलकूपों और कुओं पर निर्भरता कम करने में मदद करता है।
वर्षा जल संचयन के लिए जिले में सरकारी दफ्तरों और भवनों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधीन संचालित 123 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा। डीएम के निर्देश पर यह कार्य कराने के लिए विभाग ने कार्यदायी संस्था को धनराशि उपलब्ध कराई है।
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वर्षा जल संचयन जल संसाधनों को संरक्षित करने में मदद करता है। इससे भूजल और सतही जल स्रोतों पर निर्भरता कम होती है। बारिश के पानी को एकत्रित करके, भूजल स्तर रिचार्ज करने में मदद की जा सकती है, जिससे पानी की कमी की समस्या को कम किया जा सकता है। वर्षा जल संचयन पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नलकूपों और कुओं पर निर्भरता कम करने में मदद करता है।
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वर्षा जल संचयन के लिए जिले में सरकारी दफ्तरों और भवनों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधीन संचालित 123 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा। डीएम के निर्देश पर यह कार्य कराने के लिए विभाग ने कार्यदायी संस्था को धनराशि उपलब्ध कराई है।
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