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हफ्ते भर में दोगुने हुए आलू के दाम
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सीतापुर। नींबू और टमाटर के बाद अब सब्जियों के राजा कहे जाने वाले आलू ने भी रसोईघर का बजट बिगाड़ दिया है। एक सप्ताह के अंदर आलू की कीमत दोगुना हो गई है। इस समय 30 रुपये किलो आलू बिक रहा है। महिलाएं परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाहर से आवक कम होने के कारण ऐसे हालात बने हुए है। बरसात में दाम कम होने की उम्मीद कम है।
करीब एक सप्ताह पहले बाजार में आलू 15 रुपये किलो बिक रहा था। अब 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। फुटकर दुकानदार ने बताया कि पहले मंडी में आलू कम रेट में बिक रहा था। इस कारण कम रेट पर आलू बेचते थे, लेकिन दाम बढ़ जाने के कारण उनको भी अधिक दर पर आलू बेचना पड़ रहा है।
थोक में आलू बेचने वालों का कहना है कि अन्य क्षेत्रों से आलू की आवक कम होने के कारण समस्या हो रही है। 100 रुपये किलो बिकने वाले नींबू और 60 रुपये किलो बिकने वाले टमाटर ने जिस बजट को बिगाड़ रखा है, उससे ज्यादा नुकसान आलू की बढ़ी कीमतों के कारण होेगा। एक समय नींबू और टमाटर न होने से गृहस्थी चल सकती है लेकिन आलू न होने से तो गृहस्थी चला पाना काफी मुश्किल है।
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मंडी से महंगा मिल रहा आलू
फुटकर विक्रेता गोल्डी ने बताया कि पहले मंडी में थोक आलू की कीमत कम थी, इसलिए फुटकर में आलू सस्ता था। अब मंडी में ही आलूू की कीमत में उछाल आ गया है। इसकी वजह कम आवक है। इसके कारण लोगों को मजबूरी में महंगा आलू बेचना पड़ रहा है।
नीबू, टमाटर की कीमतों ने भी नहीं दी राहत
अचानक महंगे हुए नींबू और टमाटर के भाव अब तक कम नहीं हुए। दुकानदारों का कहना है कि बरसात तक तो इनके दामों में कमी होना काफी मुश्किल है। बाजार में टमाटर 60 से 70 रुपये प्रति किलो और नींबू 100 से 110 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इन दोनों के भावों में अभी तक कोई कमी नहीं हुई है।
कीमतें बढ़ने से महिलाएं परेशान
गृहिणी रामलली ने बताया कि अब तक आलू ही एक ऐसा ही विकल्प था जिसके सहारे गृहस्थी की गाड़ी चल रही थी। हर सब्जी के साथ उपयोग में होनेे वाला आलू भी अगर महंगा हो जाएगा तो काफी समस्या हो जाएगी। कोई सब्जी कितनी भी महंगी हो जाए तो इतना फर्क नहीं पड़ता लेकिन आलू की कीमत बढ़ जाने से बजट बिगड़ जाता है।
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करीब एक सप्ताह पहले बाजार में आलू 15 रुपये किलो बिक रहा था। अब 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। फुटकर दुकानदार ने बताया कि पहले मंडी में आलू कम रेट में बिक रहा था। इस कारण कम रेट पर आलू बेचते थे, लेकिन दाम बढ़ जाने के कारण उनको भी अधिक दर पर आलू बेचना पड़ रहा है।
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थोक में आलू बेचने वालों का कहना है कि अन्य क्षेत्रों से आलू की आवक कम होने के कारण समस्या हो रही है। 100 रुपये किलो बिकने वाले नींबू और 60 रुपये किलो बिकने वाले टमाटर ने जिस बजट को बिगाड़ रखा है, उससे ज्यादा नुकसान आलू की बढ़ी कीमतों के कारण होेगा। एक समय नींबू और टमाटर न होने से गृहस्थी चल सकती है लेकिन आलू न होने से तो गृहस्थी चला पाना काफी मुश्किल है।
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मंडी से महंगा मिल रहा आलू
फुटकर विक्रेता गोल्डी ने बताया कि पहले मंडी में थोक आलू की कीमत कम थी, इसलिए फुटकर में आलू सस्ता था। अब मंडी में ही आलूू की कीमत में उछाल आ गया है। इसकी वजह कम आवक है। इसके कारण लोगों को मजबूरी में महंगा आलू बेचना पड़ रहा है।
नीबू, टमाटर की कीमतों ने भी नहीं दी राहत
अचानक महंगे हुए नींबू और टमाटर के भाव अब तक कम नहीं हुए। दुकानदारों का कहना है कि बरसात तक तो इनके दामों में कमी होना काफी मुश्किल है। बाजार में टमाटर 60 से 70 रुपये प्रति किलो और नींबू 100 से 110 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इन दोनों के भावों में अभी तक कोई कमी नहीं हुई है।
कीमतें बढ़ने से महिलाएं परेशान
गृहिणी रामलली ने बताया कि अब तक आलू ही एक ऐसा ही विकल्प था जिसके सहारे गृहस्थी की गाड़ी चल रही थी। हर सब्जी के साथ उपयोग में होनेे वाला आलू भी अगर महंगा हो जाएगा तो काफी समस्या हो जाएगी। कोई सब्जी कितनी भी महंगी हो जाए तो इतना फर्क नहीं पड़ता लेकिन आलू की कीमत बढ़ जाने से बजट बिगड़ जाता है।