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कड़ी सुरक्षा में हुआ मतदान व मतगणना
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सीतापुर। आठ विकासखंडों में शनिवार को ब्लॉक प्रमुख के सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए चुनाव के बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने राहत की सांस ली है। मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। कहीं से भी कोई विवाद की खबरें सामने नहीं आईं। कसमंडा में नामांकन के दौरान हुए बवाल के बाद से सबक लेते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच चुनाव को निष्पक्षता और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए बनाई गई एसपी की रणनीति और उनके मातहतों की पुलिसिंग कारगर साबित हुई।
ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही एसपी आरपी सिंह ने चुनाव की गंभीरता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। तैयारियों के बीच आठ जुलाई को कसमंडा ब्लॉक में नामांकन के दौरान भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों के बीच हुए बवाल के बाद पुुलिस अफसरों ने हालात पर काबू कुछ ही देर में कर लिया था, लेकिन घटना की आंच लखनऊ तक पहुंचने के बाद एडीजी जोन एसएन साबत, आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह जिले में पहुंची थी।
इस घटना एक दिन बाद यानी 10 जुलाई को जिले के आठ ब्लॉकों पर ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को सकुशल संपन्न कराना पुलिस प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। एसपी आरपी सिंह ने लखनऊ में बैठे अफसरों की ओर से मिले आदेशों और एएसपी साउथ एनपी सिंह, एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित के साथ मिलकर चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए बेहतर रणनीति बनाई थी।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस रणनीति पर सुबह होते ही पुलिस फोर्स मुस्तैद हो गई। एक ब्लॉक पर सीओ के साथ से दो से तीन एसओ, पीएसी और पुलिस समेत करीब 225 पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। मतदान स्थल तक पहुंचने के लिए सात द्वार बनाए गए थे। 500 मीटर की दूरी पर गाड़ियों की चेकिंग के बाद 200 मीटर की दूरी पर बीडीसी की जांच कर प्रमाण पत्र देखकर पुलिस के पहरे में ब्लॉक गेट तक लाने और ले जाने की व्यवस्था की गई थी।
इस रणनीति पर हुई पुलिसिंग
एसपी आरपी सिंह ने चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए ब्लॉकों पर आने वाले प्रत्याशियों का अलग-अलग रूट निर्धारित करा दिया था। टाइमिंग भी अलग थी, जिससे प्रत्याशियों, समर्थकों का आमना-सामना नहीं होने से टकराव की स्थिति नहीं होगी। इसके अलावा शनिवार को वीकेंड लॉकडाउन का भी पालन उन ब्लॉकों में शत-प्रतिशत कराया गया, जहां पर चुनाव होना था।
लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। मतदान स्थलों पर बेवजह भीड़ इकट्ठा नहीं हो सकी। मतदान स्थल से काफी दूर तक दुकानों को बंद करा दिया गया था, ताकि दुकानों पर लोग इकट्ठा न हो। अगर सामान खरीदने के दौरान इकट्ठा होते तो विवाद हो सकता था। इसलिए इस पहलू पर भी पुलिस ने फोकस करते हुए काम किया। बेवजह किसी को परेशान नहीं किया गया, लेकिन सख्ती में कहीं भी ढिलाई नहीं बरती गई।
चुनाव को सकुशल और शांतिपूर्ण तरीक से संपन्न कराने के लिए बेेहतर इंतजाम किए गए थे। कसमंडा, परसेंडी में एएसपी, अन्य ब्लॉकों में सीओ मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी। पांच ब्लॉकों में मैं खुद डीएम के साथ गया। शुक्रवार देर रात वर्चुअल बैठक की गई है, जिसमें एएसपी, सीओ व सभी थानेदार को चुनाव में गड़बड़ी न होने के कड़े निर्देश दिए गए थे। सभी ने बेेहतर तरीके से पुलिसिंग की। चुनाव शांतिपूर्ण निपटा। इसमें सभी की मेहनत है।
आरपी सिंह, एसपी
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ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही एसपी आरपी सिंह ने चुनाव की गंभीरता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। तैयारियों के बीच आठ जुलाई को कसमंडा ब्लॉक में नामांकन के दौरान भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों के बीच हुए बवाल के बाद पुुलिस अफसरों ने हालात पर काबू कुछ ही देर में कर लिया था, लेकिन घटना की आंच लखनऊ तक पहुंचने के बाद एडीजी जोन एसएन साबत, आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह जिले में पहुंची थी।
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इस घटना एक दिन बाद यानी 10 जुलाई को जिले के आठ ब्लॉकों पर ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को सकुशल संपन्न कराना पुलिस प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। एसपी आरपी सिंह ने लखनऊ में बैठे अफसरों की ओर से मिले आदेशों और एएसपी साउथ एनपी सिंह, एएसपी नार्थ डॉ. राजीव दीक्षित के साथ मिलकर चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए बेहतर रणनीति बनाई थी।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस रणनीति पर सुबह होते ही पुलिस फोर्स मुस्तैद हो गई। एक ब्लॉक पर सीओ के साथ से दो से तीन एसओ, पीएसी और पुलिस समेत करीब 225 पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। मतदान स्थल तक पहुंचने के लिए सात द्वार बनाए गए थे। 500 मीटर की दूरी पर गाड़ियों की चेकिंग के बाद 200 मीटर की दूरी पर बीडीसी की जांच कर प्रमाण पत्र देखकर पुलिस के पहरे में ब्लॉक गेट तक लाने और ले जाने की व्यवस्था की गई थी।
इस रणनीति पर हुई पुलिसिंग
एसपी आरपी सिंह ने चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए ब्लॉकों पर आने वाले प्रत्याशियों का अलग-अलग रूट निर्धारित करा दिया था। टाइमिंग भी अलग थी, जिससे प्रत्याशियों, समर्थकों का आमना-सामना नहीं होने से टकराव की स्थिति नहीं होगी। इसके अलावा शनिवार को वीकेंड लॉकडाउन का भी पालन उन ब्लॉकों में शत-प्रतिशत कराया गया, जहां पर चुनाव होना था।
लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। मतदान स्थलों पर बेवजह भीड़ इकट्ठा नहीं हो सकी। मतदान स्थल से काफी दूर तक दुकानों को बंद करा दिया गया था, ताकि दुकानों पर लोग इकट्ठा न हो। अगर सामान खरीदने के दौरान इकट्ठा होते तो विवाद हो सकता था। इसलिए इस पहलू पर भी पुलिस ने फोकस करते हुए काम किया। बेवजह किसी को परेशान नहीं किया गया, लेकिन सख्ती में कहीं भी ढिलाई नहीं बरती गई।
चुनाव को सकुशल और शांतिपूर्ण तरीक से संपन्न कराने के लिए बेेहतर इंतजाम किए गए थे। कसमंडा, परसेंडी में एएसपी, अन्य ब्लॉकों में सीओ मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी। पांच ब्लॉकों में मैं खुद डीएम के साथ गया। शुक्रवार देर रात वर्चुअल बैठक की गई है, जिसमें एएसपी, सीओ व सभी थानेदार को चुनाव में गड़बड़ी न होने के कड़े निर्देश दिए गए थे। सभी ने बेेहतर तरीके से पुलिसिंग की। चुनाव शांतिपूर्ण निपटा। इसमें सभी की मेहनत है।
आरपी सिंह, एसपी