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डॉक्टर के आवास में रहता था फार्मासिस्ट...

Thu, 25 Mar 2021 11:44 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 11:44 PM IST
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Pharmacist lived in doctor's residence
सीतापुर। थानगांव में तीन लड़कियों से देह व्यापार मामले में केस दर्ज हुआ था। अब इस मामले में अस्पताल के जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। एक चिकित्सक के आवास में फार्मासिस्ट, उसकी पत्नी व गैर जिलों की तीन लड़कियां रहती मिली थीं। आवास से सरकारी दवाएं भी बरामद हुई थी। इन्हीं बिंदुओं को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।
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थानगांव स्थित पीएचसी के फार्मासिस्ट के घर रहने वाली बिहार, गोरखपुर व आजमगढ़ की तीन युवतियों ने एसडीएम के सामने पेश होकर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके चलते पुलिस ने फार्मासिस्ट, उसकी पत्नी मंजू, इमरान व सर्वेश सहित चार लोगों पर कार्रवाई की है। लेकिन इस पूरे प्रकरण में अब स्थानीय स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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सूत्र बताते हैं कि जिस सरकारी आवास में फार्मासिस्ट, उसकी पत्नी व तीन युवतियां रह रही थीं, वह आवास पीएचसी के चिकित्सक का है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर चिकित्सक के आवास में फार्मासिस्ट कैसे रह रहा था। यह मामला प्रकाश में आने के बाद शासन स्तर से अफसरों से भी सवाल जवाब किया गया। जांच में इस सरकारी आवास से दवाएं भी मिली थीं।
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कहा जा रहा है कि स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से फार्मासिस्ट अस्पताल के बजाए अपने घर पर दवाएं रखता था और वहीं से उनकी सप्लाई करता था। डीएम व एसपी ने भी मामले की गहनता से जांच की थी। सूत्रों का दावा है कि अफसरों की जांच में फार्मासिस्ट के आवास से दवाएं मिली थीं।
फार्मासिस्ट का यह आवास चिकित्सक के लिए था। इस प्रकरण में डीएम ने स्थानीय चिकित्सकों से सवाल जवाब भी किए थे। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने इस मामले की गहनता से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एएसपी एनपी सिंह का कहना है कि इस मामले में जांच के लिए पुलिस की ओर से कोई पत्र नहीं लिखा गया है।

चुनाव लड़ना चाहता था सर्वेश
युवतियों से जुड़े थानगांव के इस प्रकरण में आरोपी बनाए गए सर्वेश गुप्ता ने इस बार प्रधानी का चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण में सर्वेश की विशेष भूमिका थी। प्रकरण को हाई प्रोफाइल बनाने में सर्वेश का हाथ था। उसकी मदद से लड़कियों को उकसा कर गंभीर आरोप लगाया गया था। इमरान इसका खास साथी था। सर्वेश को इमरान की चुनाव में मदद लेनी थी। जिसके चलते उसने प्रकरण में हाथ डाल दिया।
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