{"_id":"6669eca73167cf703e0c3604","slug":"people-will-be-held-responsible-for-marking-the-attendance-of-workers-without-work-sitapur-news-c-102-1-slko1052-114764-2024-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: बिना काम के मजदूरों की हाजिरी लगाने में नपेंगे जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: बिना काम के मजदूरों की हाजिरी लगाने में नपेंगे जिम्मेदार
Thu, 13 Jun 2024 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 13 Jun 2024 12:14 AM IST
विज्ञापन
सकरन (सीतापुर)। जिम्मेदार मनरेगा धनराशि का दुरुपयोग करने के लिए हर जतन कर रहे हैं। मनरेगा से बिना काम कराए ही बड़ी संख्या में प्रतिदिन मजदूरों की मास्टररोल पर हाजिरी लगाई जा रही है। यह आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायत को अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद एपीओ ने जांच की। इसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद प्रधान की आईडी ब्लॉक कर दी गई है। सीडीओ को संबंधित प्रधान व सचिव के विरुद्ध जांच आख्या भेजी गई है। जिसपर कार्रवाई की जा सकती है।
विकास खंड की ग्राम पंचायत सकरन में विगत सोमवार को भुरऊ के खेत से भोलई के खेत तक और भोलई के खेत से जीवन स्वरूप के खेत तक ड्रेन सफाई के नाम पर 82 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी मास्टररोल में लगाई गई। जबकि हकीकत में ग्राम पंचायत में कहीं भी ड्रेन सफाई नहीं कराई जा रही थी। यह आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की शिकायत पर अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में बिना कार्य कराए मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान का आरोप नामक शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए ब्लॉक के अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच कराई गई। जांच में कोई भी मजदूर मौके पर कार्य करता नहीं पाया गया।
जांच के बाद एपीओ ने तत्काल प्रधान की आईडी बंद कर दी। इस संबंध में एपीओ रवि सिंह ने बताया कि जांच में शिकायत सही मिली है। प्रधान व सचिव के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीडीओ को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास खंड की ग्राम पंचायत सकरन में विगत सोमवार को भुरऊ के खेत से भोलई के खेत तक और भोलई के खेत से जीवन स्वरूप के खेत तक ड्रेन सफाई के नाम पर 82 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी मास्टररोल में लगाई गई। जबकि हकीकत में ग्राम पंचायत में कहीं भी ड्रेन सफाई नहीं कराई जा रही थी। यह आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की शिकायत पर अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में बिना कार्य कराए मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान का आरोप नामक शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए ब्लॉक के अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच कराई गई। जांच में कोई भी मजदूर मौके पर कार्य करता नहीं पाया गया।
विज्ञापन
जांच के बाद एपीओ ने तत्काल प्रधान की आईडी बंद कर दी। इस संबंध में एपीओ रवि सिंह ने बताया कि जांच में शिकायत सही मिली है। प्रधान व सचिव के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीडीओ को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन