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140 ग्राम पंचायतों में गबन किया गया साढ़े छह करोड़
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सीतापुर। जिले के 13 विकास खंडों की 140 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2013-14 का ऑडिट किया गया। इसमें छह करोड़ 46 लाख 84 हजार रुपये का गबन पाया गया है। 219 प्रस्तरों में इसका उल्लेख किया गया है। इस संबंध में संबंधित प्रधान व सचिवों का जवाब तलब किया गया है। जिसका जवाब अधिकांश तत्कालीन प्रधान की ओर से नहीं दिया जा रहा है। यदि शीघ्र आडिट आपत्ति का निस्तारण न किया गया तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उनसे गबन की राशि वसूली जा सकती है।
ग्राम पंचायतों की ओर से विकास कार्यों के लिए प्राप्त धनराशि का मनमाने तरीके से खर्च कर लिया जाता है। इसका वह सही प्रकार से लेखा-जोखा भी नहीं रखते हैं। यह पंचायती राज अधिनियम के विपरीत है। इसके तहत संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत गबन की गई धनराशि की वसूली का भी प्राविधान है। विधान सभा पंचायती राज समिति 2013-14 के तहत सहकारी समितियों और पंचायतों द्वारा ऑडिट किया गया। इसमें 219 प्रस्तर के मार्फत संबंधित प्रधान और सचिव की मनमानी कार्यशैली का उजागर करते हुए गबन की गई धनराशि का उल्लेख किया गया।
इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए गए। उन्होंने संबंधित प्रधानों के साथ ही सचिव को नोटिस जारी की है। जिसका उनसे जवाब देते नहीं बन रहा। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ऑडिट में 6,46,84,975 रुपये का गबन होने का उल्लेख किया गया है। इसके लिए संबंधित प्रधान और सचिवों को दो बार नोटिस जारी की गई है। इसका निर्धारित समय में साक्ष्यों सहित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। सचिवों के साथ दो बार बैठक भी की गई। एक बार फिर वर्तमान व पूर्व सचिवों के साथ बैठकी की जाएगी। इसके बाद भी प्रस्तर का निस्तारण न होने पर गबन की धनराशि के लिए वसूली आदेश जारी किए जाएगा।।
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ग्राम पंचायतों की ओर से विकास कार्यों के लिए प्राप्त धनराशि का मनमाने तरीके से खर्च कर लिया जाता है। इसका वह सही प्रकार से लेखा-जोखा भी नहीं रखते हैं। यह पंचायती राज अधिनियम के विपरीत है। इसके तहत संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत गबन की गई धनराशि की वसूली का भी प्राविधान है। विधान सभा पंचायती राज समिति 2013-14 के तहत सहकारी समितियों और पंचायतों द्वारा ऑडिट किया गया। इसमें 219 प्रस्तर के मार्फत संबंधित प्रधान और सचिव की मनमानी कार्यशैली का उजागर करते हुए गबन की गई धनराशि का उल्लेख किया गया।
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इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए गए। उन्होंने संबंधित प्रधानों के साथ ही सचिव को नोटिस जारी की है। जिसका उनसे जवाब देते नहीं बन रहा। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ऑडिट में 6,46,84,975 रुपये का गबन होने का उल्लेख किया गया है। इसके लिए संबंधित प्रधान और सचिवों को दो बार नोटिस जारी की गई है। इसका निर्धारित समय में साक्ष्यों सहित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। सचिवों के साथ दो बार बैठक भी की गई। एक बार फिर वर्तमान व पूर्व सचिवों के साथ बैठकी की जाएगी। इसके बाद भी प्रस्तर का निस्तारण न होने पर गबन की धनराशि के लिए वसूली आदेश जारी किए जाएगा।।
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