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Sitapur News: चित्रकूट से मंदाकिनी नदी से 51 घड़ों में जल भरकर लाएंगे
Thu, 06 Apr 2023 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 06 Apr 2023 11:48 PM IST
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सीतापुर। मिश्रिख तहसील के नैमिषारण्य में मंदाकिनी नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नाले में तब्दील नदी की खुदाई और सफाई का काम किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को इस अभियान से जोड़ने के लिए बैठक की जा रही हैं। अभियान के तहत आठ ग्राम पंचायतों के 40 लोग चित्रकूट जाएंगे। वहां मंदाकिनी नदी से 51 घड़ों में जल लाकर गांवों का भ्रमण कर लोगों को अभियान की उपयोगिता बताएंगे।
नैमिषारण्य में करीब 25 साल पूर्व तक गोमती की सहायक नदी के रूप में मंदाकिनी नदी 19 किमी. की यात्रा कर बरेठी ग्राम पंचायत के समीप गोमती में मिलती है। अब यह एक नाले के रूप में परिवर्तित हो गई है। इसे दोबारा जीवित करने का संकल्प लिया गया है। इसकी शुरुआत एमएलसी व लोक भारती अवध प्रांत के अध्यक्ष पवन सिंह चौहान और सीडीओ अक्षत वर्मा ने भूमि पूजन के साथ की थी। अभियान के तहत नाले के रूप में तब्दील नदी के पश्चिम स्थित ग्रामसभा बरेठी, पतौंजा, इमलिया और तेलियानी में खुदाई और सफाई का कार्य किया जा रहा हैजिससे पूर्व में फूटने वाले करीब 70 जल स्रोतों को सक्रिय किया जा सके।
इसके बाद पूरब की ग्रामसभा भिठौली, फूलपुर झरिया, मुड़ियारा और भिखनापुर में कार्य किए जाएंगे। कार्यों को गति देने के लिए भिठौली स्थित चित्रकूट तीर्थ पर बैठक हुई। तय किया गया कि सभी आठ ग्रामसभाओं से पांच-पांच चयनित लोग 14 अप्रैल को चित्रकूट जाएंगे। वहां से 51 घड़ों में मंदाकिनी नदी का जल भरकर लाएंगे। इसके बाद चार दिन तक गांवों का भ्रमण कर लोगों को अभियान की उपयोगिता बताकर 19 अप्रैल को कलश पूजन किया जाएगा। लोक भारती के जिला संयोजक कमलेश सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे वह मंदाकिनी संरक्षण अभियान से जुड़ेंगे।
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नैमिषारण्य में करीब 25 साल पूर्व तक गोमती की सहायक नदी के रूप में मंदाकिनी नदी 19 किमी. की यात्रा कर बरेठी ग्राम पंचायत के समीप गोमती में मिलती है। अब यह एक नाले के रूप में परिवर्तित हो गई है। इसे दोबारा जीवित करने का संकल्प लिया गया है। इसकी शुरुआत एमएलसी व लोक भारती अवध प्रांत के अध्यक्ष पवन सिंह चौहान और सीडीओ अक्षत वर्मा ने भूमि पूजन के साथ की थी। अभियान के तहत नाले के रूप में तब्दील नदी के पश्चिम स्थित ग्रामसभा बरेठी, पतौंजा, इमलिया और तेलियानी में खुदाई और सफाई का कार्य किया जा रहा हैजिससे पूर्व में फूटने वाले करीब 70 जल स्रोतों को सक्रिय किया जा सके।
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इसके बाद पूरब की ग्रामसभा भिठौली, फूलपुर झरिया, मुड़ियारा और भिखनापुर में कार्य किए जाएंगे। कार्यों को गति देने के लिए भिठौली स्थित चित्रकूट तीर्थ पर बैठक हुई। तय किया गया कि सभी आठ ग्रामसभाओं से पांच-पांच चयनित लोग 14 अप्रैल को चित्रकूट जाएंगे। वहां से 51 घड़ों में मंदाकिनी नदी का जल भरकर लाएंगे। इसके बाद चार दिन तक गांवों का भ्रमण कर लोगों को अभियान की उपयोगिता बताकर 19 अप्रैल को कलश पूजन किया जाएगा। लोक भारती के जिला संयोजक कमलेश सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे वह मंदाकिनी संरक्षण अभियान से जुड़ेंगे।
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